भारत में हैंड टूल लघु उद्योग क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता संवर्धन के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम



  • कार्यक्रम के सहभागी:

विकास आयुक्त (लघु उद्योग) का कार्यालय,संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन, भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक, हैंड टूल निर्माता संघ

  • कार्यक्रम के उद्देश्य:

    1. ऊर्जा दक्ष और स्वच्छ प्रौद्योगिकी तथा अन्य उपायों को अपनाकर जालंधर (पंजाब) और नागौर (राजस्थान) में हैंड टूल लघु उद्योग क्लस्टरों की प्रौद्योगिकी उन्नयन।

    2. केंद्रीय हैंड टूल्स संस्थान, जालंधर और हैंड टूल्स डिज़ाइन विकास और प्रशिक्षण केंद्र, नागौर की संस्थागत संरचना और क्षमता का सुदृढ़ीकरण।

    3. प्रदर्शित ऊर्जा दक्ष प्रौद्योगिकी की प्रतिकृति के संवर्धन के लिए नीति निर्माण का सुदृढ़ीकरण।

    4. विश्व बाजार में लघु उद्योग इकाइयों के निर्यात हिस्से को बढ़ाने के लिए निर्यात संवर्धन हेतु अंतर्राष्ट्रीय रणनीति और समर्थन उपायों को विकसित करना।

 

  • बजट:

 

परियोजना की लागत


750,000 अमेरिकी डॉलर

भारत सरकार

300,000 अमेरिकी डॉलर

संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन

300,000 अमेरिकी डॉलर

भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक

75,000 अमेरिकी डॉलर

हैंड टूल उद्योग संघ

75,000 अमेरिकी डॉलर

  • वर्तमान स्थिति:

    1. फरवरी 2003 में संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन के साथ परियोजना दस्तावेज और ट्रस्ट फंड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए।

    2. परियोजना समन्वयक की नियुक्ति की गई।

    3. परियोजना की गहन निगरानी, समन्वय, मार्गदर्शन और पर्यवेक्षण के लिए अपर सचिव व विकास आयुक्त (लघु उद्योग) की अध्यक्षता में एक संचालन समिति का गठन किया गया।

    4. भारत में हैंड टूल उद्योग में ऊर्जा दक्षता के संवर्धन पर अक्तूबर-नवंबर 2003 के दौरान जालंधर में एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जाना है।

 

अधिक जानकारी के लिए www.handtoolsindustry.com देखें।




संबद्ध लिंक:

हैंड टूल पर सब-पोर्टल
नागौर और हैंड टूल डिज़ाइन विकास और प्रशिक्षण केंद्र में हैंड-टूल्स उद्योग
केंद्रीय हैंड टूल्स संस्थान