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विकास आयुक्त (लघु उद्योग) का कार्यालय,संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन, भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक, हैंड टूल निर्माता संघ |
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कार्यक्रम के उद्देश्य:
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ऊर्जा दक्ष और स्वच्छ प्रौद्योगिकी तथा अन्य उपायों को अपनाकर जालंधर (पंजाब) और नागौर (राजस्थान) में हैंड टूल लघु उद्योग क्लस्टरों की प्रौद्योगिकी उन्नयन।
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केंद्रीय हैंड टूल्स संस्थान, जालंधर और हैंड टूल्स डिज़ाइन विकास और प्रशिक्षण केंद्र, नागौर की संस्थागत संरचना और क्षमता का सुदृढ़ीकरण।
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प्रदर्शित ऊर्जा दक्ष प्रौद्योगिकी की प्रतिकृति के संवर्धन के लिए नीति निर्माण का सुदृढ़ीकरण।
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विश्व बाजार में लघु उद्योग इकाइयों के निर्यात हिस्से को बढ़ाने के लिए निर्यात संवर्धन हेतु अंतर्राष्ट्रीय रणनीति और समर्थन उपायों को विकसित करना।
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परियोजना की लागत |
750,000 अमेरिकी डॉलर |
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भारत सरकार |
300,000 अमेरिकी डॉलर |
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संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन |
300,000 अमेरिकी डॉलर |
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भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक |
75,000 अमेरिकी डॉलर |
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हैंड टूल उद्योग संघ |
75,000 अमेरिकी डॉलर |
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वर्तमान स्थिति:
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फरवरी 2003 में संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन के साथ परियोजना दस्तावेज और ट्रस्ट फंड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए।
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परियोजना समन्वयक की नियुक्ति की गई।
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परियोजना की गहन निगरानी, समन्वय, मार्गदर्शन और पर्यवेक्षण के लिए अपर सचिव व विकास आयुक्त (लघु उद्योग) की अध्यक्षता में एक संचालन समिति का गठन किया गया।
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भारत में हैंड टूल उद्योग में ऊर्जा दक्षता के संवर्धन पर अक्तूबर-नवंबर 2003 के दौरान जालंधर में एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जाना है।
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