भारतीय मशीन टूल उद्योग के विकास के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम



  • कार्यक्रम के सहभागी:

विकास आयुक्त (लघु उद्योग) का कार्यालय भारतीय मशीन टूल्स निर्माता संघ

  • कार्यक्रम के उद्देश्य:

    1. निर्यातों का संवर्धन

    2. प्रौद्योगिकीय विकास का संवर्धन.

    3. प्रशिक्षण क्षमता तैयार करना और दीर्घकालीन वृद्धि के लिए कार्यक्रम विकसित करना

 

  • बजट:
 

परियोजना की लागत


2.0 मिलियन अमेरिकी डॉलर

भारत सरकार

0.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर

भारतीय मशीन टूल्स निर्माता संघ

0.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर

संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन

0.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर

भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक/आयात-निर्यात बैंक

0.1 मिलियन अमेरिकी डॉलर



  • वर्तमान स्थिति:

    1. कार्यक्रम का प्रारंभ 13 दिसंबर 2001 को किया गया।

    2. वैश्विक प्रौद्योगिकी रूझान और प्रौद्योगिकी अंतर पर सीडी-आधारित रिपोर्ट तैयार करना।

    3. अप्रैल 2002 में कैंटॉन (CANTON) मेले में भाग लिया और विपणन तथा प्रौद्योगिकी गठबंधन के लिए हांगकांग का दौरा किया।

    4. कटिंग टूल्स का वैश्विक प्रौद्योगिकी सर्वेक्षण।

    5. मुम्बई में अंतर्राष्ट्रीय मेटल फोर्जिंग कांग्रेस का आयोजन किया गया।

    6. आईसीएएमटी, बंगलौर में मशीन डिज़ाइन पर 5 माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम।

    7. अगस्त 2002 में बंगलौर में आयोजित राष्ट्रीय मशीन टूल प्रदर्शनी में लघु मशीन टूल और संबद्ध इकाइयों की सहभागिता।

    8. अक्तूबर 2002 में मिलान मशीन टूल मेले में सहभागिता।

    9. कटिंग टूल्स का वैश्विक प्रौद्योगिकी सर्वेक्षण (रिपोर्ट सीडी-रोम पर उपलब्ध)

अधिक जानकारी के लिए, कृपया www.icamt.org/machinetools.html पर जाएं।