विश्व व्यापार संगठन: एक सिंहावलोकन और समझौते

लघु उद्योग मंत्रालय द्वारा कृत कार्रवाई |  नेपाल निर्यात मामले  |  दोहा की कठिनाइयां  |  दोहा विश्व व्यापार संगठन मंत्रिस्तरीय घोषणा



विश्व व्यापार संगठन क्या है?

 

बहुपक्षीय समझौते

 

बहुपार्श्विक समझौते

सिविल एयरक्रॉफ्ट में व्यापार पर समझौताt

अंतर्राष्ट्रीय डेयरी समझौता

सरकारी उपलब्धि

अंतर्राष्ट्रीय गौमांस समझौता

 

सामान्य शुल्क और व्यापार समझौता (गैट)

 

मुख्य सिद्धांत

 

विश्व व्यापार संगठन में क्यूआर

 

क्यूआर का प्रयोग कब किया जा सकता है

 

भारत और क्यूआर

 

भारत पर प्रभाव



विश्व व्यापार संगठन : एक सिंहावलोकन और समझौते

 

विश्व व्यापार संगठन क्या है?

1.1.1995 को गठित 135 सदस्य राष्ट्रों का एक संगठन जो कि रूल आधारित गैट बातचीत का चरम बिंदु है।

 

प्रस्तावना : मारकेश समझौता

"........जीवन स्तर को उठाना, पूर्ण रोज़गार सुनिश्चित करना, और वास्तविक आय तथा प्रभावी मांग की बड़ी और अनवरत बढ़ती मात्रा, और वस्तुओं तथा सेवाओं में उत्पादन व व्यापार को बढ़ाना......."

"........यह सुनिश्चित करने के लिए कि सकारात्मक प्रयासों की आवश्यकता है विकासशील देश और उनमें भी सर्वन्यून विकसित देश अपने आर्थिक विकास की आनुपातिक आवश्यकताओं के साथ अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में एक हिस्सा सुरक्षित करें।"



आधारभूत सिद्धांत

    देशों के मध्य भेदभाव नहीं: सर्वाधिक वरीयताप्राप्त राष्ट्र उपचार

 

    मुक्त व्यापार: बातचीत के माध्यम से धीरे-धीरे

 

    भविष्यकथनीयता: बाध्यकारिताओं के माध्यम से

 

    प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा




गैट बनाम विश्व व्यापार संगठन

गैट

विश्व व्यापार संगठन

तदर्थ और अनंतिम

स्थायी और कानूनी

अनुबंधित पार्टियां

सदस्य

वस्तुओं का व्यापार

व्यापार, सेवाएं और आईपीआरएस

सहमति पर आधारित विवाद

अधिक तीव्र, बाध्यकारी और स्थायी तंत्र




     विश्व व्यापार संगठन में निर्णय लेना

 

  • गैट में आम सहमति से निर्णय लेने की प्रक्रिया जारी

 

  • जहां यह संभव न हो, वहां बातचीत की प्रक्रिया द्वारा आम सहमति

 

  • बहुमत के वोट द्वारा - प्रत्येक देश का एक वोट है

 

  • विशेष मामलों में विशेष वोटिंग की आवश्यकता

 

  • एक सदस्य के प्रवेश, समझौतों में संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत, समझौतों की व्याख्या तथा सर्वाधिक वरीयताप्राप्त राष्ट्र जैसे आधारभूत प्रावधानों में परिवर्तन के लिए आम सहमति हेतु तीन-चौथाई बहुमत।


     विश्व व्यापार संगठन के सदस्य

विकसित देश

विकासशील देश

संक्रमण अर्थव्यवस्था

सर्वन्यून विकसित देश

पर्यवेक्षक

संयुक्त राज्य अमेरिका

भारत

बुल्गारिया

बंगलादेश

रूस

यूरोपियन समुदाय

मिस्र

हंगरी

यूगांडा

सऊदी अरब

जापान

संयुक्त अरब अमीरात

लाटविया

गिनी

नेपाल

कोरिया

जॉर्डन

 

मालदीव

वियतनाम

कनाडा

   

अंगोला

भूटान


     जो विश्व व्यापार संगठन में आवश्यक नहीं है
 
  • सदस्य राष्ट्रों को अपने व्यापार और गैर-व्यापार नीति उद्देश्य स्थापित करने से नहीं रोकता।

 
  • वस्तुओं और सेवाओं को आयात करने के लिए सभी बाधाओं को हटाने की आवश्यकता नहीं है

 
  • राष्ट्रीय प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक व्यवस्था को निर्देश नहीं देता।

 
  • सदस्य देशों द्वारा व्यापार विनियमों को एक समान बनाने की आवश्यकता नहीं है।

   
     विश्व व्यापार संगठन की कठिनाइयां
 
  • प्रत्येक आर्थिक गतिविधि जिनीवा में हुए समझौतों द्वारा प्रभावित होगी।

 
  • शुल्कों की कमी और अन्य आयात प्रतिबंधों को कम करने से बाज़ार पहुंच में सुधार होगा।

 
  • कम शुल्कों का अर्थ होगा विदेशी कंपनियों के लिए घरेलू बाज़ार में अधिक पहुंच।

   
     नए मामले
 
  • व्यापार और निवेश

 
  • व्यापार और श्रम

 
  • व्यापार और पर्यावरण

 
  • व्यापार सुविधाएं

 
  • व्यापार और प्रतिस्पर्धा नीति

 
  • इलैक्ट्रॉनिक वाणिज्य

 
  • प्रौद्योगिकी का स्थानांतरण

शुल्क और व्यापार पर सामान्य समझौता (गैट)
 
     प्रमुख सिद्धांत:
 
  • सर्वाधिक वरीयताप्राप्त राष्ट्र का नियम

 
  • शुल्कों पर बाध्यकारी वचनबद्धता

 
  • क्यूआर और एनटीबी को समाप्त करना

 
  • पारदर्शिता

 
     विश्व व्यापार संगठन में क्यूआर
 
  • वस्तुओं के आयात और निर्यात पर भौतिक प्रतिबंधों का निषेध

 
  • शुल्कों का प्रयोग आयातों और घरेलू उद्योगों पर नियंत्रण के लिए किया जाएगा

 
  • कोटा, आयात और निर्यात लाइसेंस प्रमुख क्यूआर हैं।

 
     क्यूआर का प्रयोग कब किया जा सकता है
 
  • खाद्य और अन्य अनिवार्य उत्पादों की अत्यधिक कमी से छुटकारा पाने के लिएs

 
  • अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में मानकों को बनाए रखने के लिए

 
  • सुरक्षा, लोक नैतिकता, स्वास्थ्य

 
  • अलाभकारी व्यक्तियों को कृषि उत्पादों की आपूर्ति पर सब्सिडी

 
  • पेटेंट, ट्रेडमार्क आदि की संरक्षा

 
  • सुरक्षा उपाय : घरेलू उद्योगों को गंभीर संकट

 
  • स्वर्ण और रजत व्यापार का नियमन

 
  • देशों द्वारा जिनके पास भुगतान स्थिति का विपरीत बकाया है

 
     भारत और क्यूआर
 
  • अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और यूरोपियन समुदाय भारत के कृषि, कपड़ा और औद्योगिक उत्पादों पर क्यूआर के लिए भारत को विवाद समाधान बोर्ड में ले गए।

 
  • भारत के विरुद्ध दंडात्मक नियम। बीओपी प्रतिकूल की दलील के बारे में भारत की अपील निरस्त।

 
  • अमेरिका के अलावा सभी के साथ मामला तय।

 
  • पंचाट ने 1.4.2001 तक सभी क्यूआर हटाना निर्धारित किया।

 
     भारत पर प्रभाव
 
  • 520 मदों जहां क्यूआर गैट के अनुच्छेद XX और XXI (मनुष्यों की सुरक्षा, आगमन अथवा पादप जीवन, स्वास्थ्य, लोक सदाचार, सुरक्षा कारण आदि) के अंतर्गत रखे गए हैं, को छोड़कर अप्रैल 2001 तक सभी क्यूआर हटाना।

 
  • सभी उत्पाद श्रेणियों पर प्रभाव पड़ेगा किंतु सबसे अधिक खाद्य उत्पाद, कपड़ा और उपभोक्ता सामान के प्रभावित होने की उम्मीद है।

 
  • यद्यपि विकसित देशों में औसत सीमा-शुल्क 3.8 प्रति शत है, किंतु हित की वस्तुओं के लिए आवर्ती के साथ ऊंचे शुल्क हैं।

 
  • टैक्सटाइल, कपड़ा, चमड़े का सामान, समुद्री उत्पादों, संसाधित खाद्य पदार्थों, कृषि उत्पादों पर अभी-भी ऊंचे शुल्क हैं।

 
  • इन उत्पादों के लिए शुल्क में वृद्धि करना।

 
  • भारत की शुल्क रेखा बंधनकारी है -

   
  • सभी शुल्क रेखाओं की 67 प्रतिशत

   
  • कृषि में 100 प्रतिशत

   
  • उद्योग में 62 प्रतिशत

   
  • तैयार माल पर 40 प्रतिशत, मध्यवर्ती वस्तुओं पर 25 प्रतिशत

 
  • सूचना प्रौद्योगिकी समझौते के अंतर्गत 2003 तक 217 सूचना प्रौद्योगिकी उत्पादों पर शून्य प्रतिशत शुल्क

     बहुपार्श्विक समझौते
 
 
  • कृषि समझौता

 
  • स्वच्छता और पादपस्वच्छता उपायों पर समझौता

 
  • व्यापार की तकनीकी बाधाओं पर समझौता

 
  • टैक्सटाइल और क्लोदिंग पर समझौता

 
  • व्यापार संबद्ध निवेश उपायों पर समझौता

 
  • सुरक्षा समझौता

 
  • सब्सिडी और बराबरी उपायों पर समझौता

 
  • एंटी डंपिंग उपायों पर समझौता

 
  • सीमा-शुल्क मूल्यांकन

 
  • प्री-शिपमेंट निरीक्षण

 
  • उत्पत्ति के नियम पर समझौता

 
  • आयात लाइसेंस प्रक्रियाएं

 
  • सूचना प्रौद्योगिकी समझौता

 
  • सेवा व्यापार पर सामान्य समझौता

 
  • आधारभूत संचार

 
  • वित्तीय सेवाएं

 
  • प्राकृतिक मनुष्यों का आवागमन

 
  • समुद्री परिवहन

 
  • व्यावसायिक सेवाएं

 
  • बौद्धिक संपदा अधिकारों के व्यापार संबंधी पक्ष

 
  • विवाद समाधान

 
  • व्यापार नीति समीक्षा तंत्र



       कृषि समझौता

       बाज़ार पहुंच

 
  • शुल्क केवल शासन द्वारा

 
  • गैर-शुल्क सीमा उपायों का शुल्कों द्वारा स्थानापन्न

 
  • विकसित देशों द्वारा छ: वर्षों में 36 प्रतिशत और विकासशील देशों द्वारा दस वर्षों में 24 प्रतिशत तक शुल्क घटाना

 
      

घरेलू समर्थन

 
  • विकसित देशों के लिए 6 वर्षों में एएमएस में 20 प्रतिशत की कमी

 
  • विकासशील देशों द्वारा 10 वर्षों में 13 प्रतिशत

 

       निर्यात सब्सिडी

 
  • विकसित देशों के लिए - छ: वर्षों में 1986-90 की आधार अवधि स्तर से नीचे 36 प्रतिशत की कमी।

 
  • विकासशील देशों के लिए - दस वर्षों में 24 प्रतिशत

 


       स्वच्छता और पादपस्वच्छता उपाय
 
  • सुरक्षित खाद्य पदार्थ सुनिश्चित करना

 
  • पौधों और पशुओं में बीमारियों और कीटाणुओं को फैलने से रोकना

 
  • खाद्य पदार्थों की विशिष्ट प्रक्रिया अथवा संसाधन की आवश्यकता

 
  • उर्वरक अवशेषों के अधिकतम अनुमेय स्तर का निर्धारण करना

 
  • कुछ संयोजियों के प्रयोग की अनुमति

 

       स्वच्छता और पादपस्वच्छता उपायों के उदाहरण

 
  • सेब, चेरी, शफतालू और अखरोट पर जापान द्वारा प्रतिबंध लगाए गए

 
  • कनाडा से सैमन के आयात पर ऑस्ट्रेलिया द्वारा संगरोधी आवश्यकताएं थोपी गईं

 
  • यूरोपियन संघ द्वारा हारमोनल एक्शन वाले तत्वों के प्रयोग पर रोक लगाई गई

 
  • अमेरिका द्वारा यूरोपियन समुदाय से अंडे और मुर्गी उत्पादों पर प्रतिबंध

 

       स्वीकार्य मानक

 
  • खाद्य पदार्थों की सुरक्षा: संयुक्त एफएओ/डब्ल्यूएचओ आहार संबंधी आयोग (कोडेक्स)

 
  • पशुओं का स्वास्थ्य: इंटरनेशनल डेस एपीज़ूटीज (डीआईई) का कार्यालय

 
  • पादप स्वास्थ्य: एफएओ प्लांट प्रोटेक्शन कन्वेंशन (आईआईपीसी)

 
  • अंतर्राष्ट्रीय मानकों के प्रयोग को प्रोत्साहन

 
  • यदि वैज्ञानिक औचित्य हो तो राष्ट्रीय मानक अंतर्राष्ट्रीय मानकों से उच्च हो सकते हैं।

 
  • जांच बिंदु स्थापित करना।



     व्यापार में तकनीकी बाधाओं पर समझौता
 
  • पैकेजिंग, विपणन, लेबल, परीक्षण के लिए तकनीकी विनियम और मानक व्यापार में बाधक नहीं होने चाहिए

 
  • सदस्यों को धोखाधड़ी से सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा, मानव और पादप स्वास्थ्य के संरक्षण में समर्थ बनाना

 
  • अंतर्राष्ट्रीय मानकों, पारस्परिक मान्यता के साथ संगति बनाना

 
  • पारदर्शिता

 
स्वच्छता और पादपस्वच्छता तथा व्यापार में तकनीकी बाधाओं में अंतर

क्रमांक

स्वच्छता और पादपस्वच्छता

व्यापार में तकनीकी बाधाएं

1.

मानव, पादप और पशु स्वास्थ्य से संबंधित

अन्य कारणों के लिए प्रयोग किया जा सकता है

2.

वैज्ञानिक तथ्यों पर अथवा जब उचित हो, विचलन का औचित्य सिद्ध किया जाना

वातावरणीय, भौगोलिक और प्रौद्योगिकीय कारणों से विचलन

3.

सर्वाधिक वरीयताप्राप्त राष्ट्र से विचलन

वैज्ञानिक अथवा प्रौद्योगिकीय कारणों से औचित्य सिद्ध करना

4.

आर्थिक घटकों पर विचार करना

 

5.

आपातकालीन आधार

 

 
                   यद्यपि…
 
  • बढ़चढ़कर एनटीबी के रूप में प्रयोग किया जा रहा है

 
  • एक अंतर्राष्ट्रीय मानक क्या है?

 
  • अंतर्राष्ट्रीय निकायों द्वारा मानक निर्धारित करते समय विकासशील देशों पर विचार नहीं किया जाता

 
  • विकासशील देशों के पास समुचित प्रौद्योगिकी और अंतर्राष्ट्रीय मानकों की क्षमता नहीं है

 
  • अनुचित अधिसूचनाएं

 
     टैक्सटाइल और कपड़े पर समझौता
 
  • 1995 तक, टैक्सटाइल और कपड़ा बहुपार्श्विक समझौतों से बाहर थे

 
  • संख्यात्मक प्रतिबंधों की शर्त के साथ अनेक विकसित देशों को निर्यात

 
  • मल्टी फाइबर समझौते का स्थानापन्न करते हुए बहुपार्श्विक नियमों के अधीन लाया गया

 
  • सर्वन्यून विकसित देशों के लिए विशेष व्यवहार

 
  • संक्रमण अवधि सुरक्षा

 
  • चार चरणों में क्यूआर को हटाने के लिए समझौते में दस वर्ष की कार्यसूची सम्मिलित

 
 

चरण  1:

1.1.1995, उत्पाद लेखांकन अथवा 16 प्रतिशत से कम नहीं

 

चरण  2:

1.1.1998, 17 प्रतिशत अतिरिक्त

 

चरण  3:

1.1.2002, 18 प्रतिशत अतिरिक्त

 

चरण  4:

1.1.2005, शेष 49 प्रतिशत

 
 
  • प्रत्येक खंड से उत्पादों जैसे टॉप्स एंड यार्न, फैब्रिक्स, तैयार टैक्सटाइल उत्पाद और कपड़े को शामिल करने के लिए एकीकृत उत्पाद

 
  • यद्यपि, भारतीय हित में उत्पादों का कोई अर्थपूर्ण एकीकरण नहीं। सभी मद समाप्ति कार्यसूची के अंतिम वर्ष (2005) में शामिल किए गए।

 
  • संक्रमण सुरक्षा, एंटी डंपिंग उपायों, उत्पत्ति के भेदभावपूर्ण नियमों ने निष्प्रभावी बनाया


    उत्पाद एकीकरण अनुसूची, अमेरिका

श्रेणी

पहला चरण 1.1.1995

दूसरा चरण 1.1.1998

तीसरा चरण 1.1.2002

चौथा चरण 1.1.2005

यार्न

8.46 प्रतिशत

8 प्रतिशत

3.26 प्रतिशत

2.64 प्रतिशत

फैब्रिक

3.44 प्रतिशत

2.51 प्रतिशत

3.91 प्रतिशत

12.19 प्रतिशत

तैयार माल

2.39 प्रतिशत

4.54 प्रतिशत

8.40 प्रतिशत

2.55 प्रतिशत

अपैरल

1.92 प्रतिशत

1.98 प्रतिशत

2.55 प्रतिशत

31.27 प्रतिशत

योग

16.21 प्रतिशत

17.03 प्रतिशत

18.11 प्रतिशत

48.65 प्रतिशत



     व्यापार संबद्ध निवेश उपाय
 
  • गैट 1994 के अनुच्छेद III (कराधान और विनियमन में राष्ट्रीय व्यवहार) और अनुच्छेद XI (संख्यात्मक प्रतिबंध, कोटा, लाइसेंस, प्रतिबंध, निषेध) से असंगत कोई उपाय नहीं किया जाएगा

 
  • केवल वस्तुओं के व्यापार पर लागू

 
  • व्यापार और निवेश के साथ पठनीय

 
  • अपवाद: राष्ट्रीय सुरक्षा

 

     व्यापार संबद्ध निवेश उपाय - कानूनी मामला

         यूरोपियन समुदाय और अमेरिका विरुद्ध भारत : ऑटोमोटिव क्षेत्र

 

     शिकायतें:

 
  • स्थानीय विषय-वस्तु की आवश्यकता
 
  • केवल स्थानीय जेवी कंपनियों को लाइसेंस दिया गया
 
  • निर्यात संतुलन की आवश्यकता
 
     पांच व्यापार संबद्ध निवेश उपायों का निषेध
 
  • स्थानीय विषय-वस्तु आवश्यकता

 
  • व्यापार संतुलन आवश्यकताएं यथा निर्यात के अनुपात में आयातित विषय-वस्तुओं के प्रयोग को सीमित करना

 
  • निर्यातित उत्पाद की एक राशि अथवा मूल्य के आयात पर प्रतिबंध

 
  • एक्सचेंज प्रतिबंध

 
  • घरेलू बिक्री आवश्यकता

 
     सुरक्षा उपाय
 
  • आयातों में अचानक वृद्धि के विरुद्ध संरक्षण

 
  • घरेलू उद्योग को गंभीर हानि का खतरा अथवा कारण होना चाहिए

 
  • ढांचागत समायोजन, क्षतिपूर्ति, प्रतिरोध जैसे मुद्दों से भी संबंधित

 
  • विभिन्न स्तरों पर निर्यातक देश के साथ-साथ विश्व व्यापार संगठन से परामर्श की आवश्यकता है

 
  • यदि उपाय 3 वर्षों से अधिक जारी रहते हैं तो क्षतिपूर्ति, प्रतिरोध लागू होंगे

 
  • डंपिंग, निर्यात सब्सिडी जैसी अनुचित व्यापार गतिविधियों से असंबद्धता

 
  • इसका अर्थ है चाहे बढ़े हुए निर्यातों से घरेलू उद्योग को हानि अथवा खतरा हो

 
  • निर्यातों, घरेलू उद्योग का लिया गया हिस्सा, बिक्री के स्तरों में परिवर्तन, उत्पादन, लाभ, रोज़गार, क्षमता उपयोग में वृद्धि से हानि के निर्धारण पर विचार किया जाएगा



     सब्सिडी और बराबरी उपायों पर समझौता
       सब्सिडी की परिभाषा
 
  • एक वित्तीय अंशदान प्रदान किया जाता है

 
  • सरकार अथवा सार्वजनिक निकाय द्वारा सदस्य के क्षेत्र में किया गया अंशदान

 
  • अंशदान से लाभ होता है

 
  • समझौते की शर्त पर विशिष्ट सब्सिडी

 
       विशिष्ट सब्सिडी
 
  • उद्यम विशिष्टता

 
  • उद्योग विशिष्टता

 

सब्सिडी

     तीन प्रकार की सब्सिडी हैं :-

लाल, अम्बर और हरा

 

लाल

ये सब्सिडी निषिद्ध हैं

 

अम्बर

ये सब्सिडी अनुमति प्राप्त हैं किंतु कार्यवाही करने योग्य हैं

 

हरा

अनुमति प्राप्त और कार्यवाही न करने योग्य

 
 

लाल

सब्सिडी में 80 एचएचसी के अंतर्गत आयकर में छूट, डीईपीबी योजना अथवा निर्यात ऋण पर विशेष ब्याज दर शामिल है।

   

निषिद्ध सब्सिडी

   

  • निर्यात निष्पादन पर सब्सिडी

   

  • आयात विकल्प के लिए सब्सिडी

 
 

हरा

निम्नलिखित तीन आधारभूत सब्सिडी हैं:-

   

  • औद्योगिक अनुसंधान की लागत के 75 प्रतिशत अथवा पूर्व-प्रतिस्पर्धात्मक विकास की लागत के 50 प्रतिशत से अधिक कवर न करने वाले औद्योगिक अनुसंधान को सहायता।

   

  • बेरोज़गारी और प्रति व्यक्ति आय मानदंड पर आधारित अलाभकारी क्षेत्रों को सहायता।

   

  • विद्यमान सुविधाओं को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए सहायता। यह एकमुश्त अनावर्त उपाय है और आत्मसातीकरण की लागत के 20 प्रतिशत तक सीमित है।

 


अम्बर:

कार्यवाही करने योग्य सब्सिडी

 

  • यदि वे अन्य देश के घरेलू उद्योग को क्षति पहुंचा रहे हैं तो सब्सिडी नहीं दी जानी चाहिए।

 

  • गैट्स 94 के लाभों का निरस्तीकरण और अन्य देश के हित के प्रति गंभीर पूर्वाग्रह

 
 

हरा

सब्सिडी

 

  • कार्यवाही न किए जाने योग्य सब्सिडी

 

  • सामान्य और अविशिष्ट सब्सिडी

 

  • अनुसंधान

 

  • पिछड़े क्षेत्रों का विकास

 

  • पर्यावरण का संरक्षण

 

  • यदि विशिष्ट उद्योग/उद्यम तक सीमित हैं तो भी हरी सब्सिडी अथवा कार्यवाही न किए जाने योग्य अथवा अनुमेय सब्सिडी निम्नलिखित हैं:-

 
 

(क) पूर्व-स्पर्धात्मक विकास गतिविधि की लागत का 75 प्रतिशत अथवा 50 प्रतिशत तक औद्योगिक अनुसंधान के लिए सहायता

 

(ख) भौगोलिक संस्पर्शी अलाभकारी क्षेत्रों अर्थात् ऐसे क्षेत्र जहां प्रति व्यक्ति आय देश की 85 प्रतिशत है अथवा जहां 10 प्रतिशत अधिक बेरोज़गारी है, को सहायता।

 

(ग) विधि द्वारा लागू नई पर्यावरणीय आवश्यकताओं में विद्यमान सुविधाओं को आत्मसात करने के लिए एक एकमुश्त सहायता (20 प्रति शत)। स्थानापन्न अथवा संचालक मशीनरी के लिए कोई सब्सिडी नहीं।

 
 

  • निषिद्ध सब्सिडी :

 निम्नलिखित शर्तों पर 2003 तक जारी रखी जा सकती हैं :-

 

(क) 1992 के स्तर से कोई वृद्धि नहीं।

 

(ख) आठ वर्षों में समाप्त।

 

(ग) यदि लगातार 2 वर्षों तक विश्व निर्यात के 3.25 प्रतिशत से अधिक निर्यात होता है तो 2 वर्षों में समाप्त।

 
 

  • आयात विकल्प सब्सिडी विकासशील देशों के लिए 8 वर्ष, संक्रमण अर्थव्यवस्थाओं के लिए 7 वर्ष और विकसित देशों के लिए 5 वर्ष तक जारी रह सकती हैं।

 

  • कार्यवाही करने योग्य सब्सिडी, जहां गंभीर पूर्वाग्रह मौजूद हैं, यदि दी जाती हैं तो अन्य देश भी समान शुल्क लगाएंगे।



    गंभीर पूर्वाग्रह कब मान्य हैं?

 

(क) यदि सब्सिडी उत्पाद के मूल्य के 5 प्रतिशत से अधिक है।

 

(ख) यदि यह दीर्घावधि समाधान/सामाजिक समस्याओं की उपेक्षा के लिए एकमुश्त उपाय के रूप के अतिरिक्त एक उद्योग/उद्यम की कार्यसंचालन हानियों को कवर करने के लिए दी जाती है।

 

(ग) ऋण माफीकरण।

 

    गंभीर पूर्वाग्रह कब लागू होते हैं?

 

 

  • प्राथकि वस्तुओं के लिए यदि बाज़ार हिस्सेदारी में विगत 3 वर्षों के स्तर से अधिक की वृद्धि होती है।


    कानूनी मामले:

 

  • श्रीलंका बनाम ब्राजील (23.2.96)
    नारियल पर समान शुल्क

 

  • कनाडा बनाम ब्राजील (23.7.98)
    ब्राजीली एयरक्रॉफ्ट को सब्सिडी

 

  • अमेरिका बनाम ऑस्ट्रेलिया (9.11.97)
    टैक्सटाइल, कपड़े और चप्पल योजना पर ऑस्ट्रेलियन सब्सिडी

 

  • चिली बनाम अमेरिका (5.8.98)
    सैल्‍मन पर बराबरी का शुल्क

 

  • कनाडा द्वारा डेयरी उत्पादों पर सब्सिडी
 

एंटी डंपिंग उपायों पर समझौता

 

  • गैट, टोक्यो दौर का अनुच्छेद VI

 

  • प्रति एसई डंपिंग अवैधानिक नहीं है

 

  • अवैधानिकता के लिए, तीन शर्तें आवश्यक हैं :

 

    • डंपिंग

 

    • घरेलू उद्योग को क्षति

 

    • दोनों के बीच आकस्मिक संबंध

 

     डंपिंग की परिभाषा

 

  • सामान्य मूल्य से कम पर एक उत्पाद का निर्यात

 

     सामान्य मूल्य का निर्धारण

 

  • उत्पादन लागत सह लिखित मूल्य

 

  • एक तीसरे बाज़ार में निर्यात मूल्य

 

  • घरेलू बिक्री मूल्य

 

  • समान उत्पाद

 

  • र्निमित मूल्य

 

     अनिवार्य विशेषताएं

 
  •  

    निर्यातकों के मूल्य व्यवहार से लेनदेन न कि संपूर्ण रूप में निर्यातक देश के साथ

 
  •  

    डंपिंग होती है जब निर्यात मूल्य सामान्य मूल्य से कम होता है।

 
  •  

    घरेलू उद्योग को क्षति और सिद्ध करने के लिए आकस्मिक संबंधों की आवश्यकता होती है।

 
  •  

    अकनिष्ठ स्तर प्रदत्त (2 प्रतिशत डंपिंग मार्जिन, 3 प्रतिशत एक देश की निर्यात मात्रा के लिए और 7 प्रतिशत सभी देशों के सभी डंप किए गए निर्यातों के लिए)



मामला

उत्पादन की लागत

देश 'क' में उत्पाद
का मूल्य

देश 'ख' में उत्पाद
का मूल्य

1

10

50

20

2

10

5

5

मामला 1: मूल्य में भिन्नता

मामला 2: औसत मूल्य से कम - डंपिंग



  एंटी डंपिंग शुल्क कैसे लागू करें:
 
    • लिखित आवेदनपत्र

 
    • उत्पादकों द्वारा समर्थित कुल उत्पादन के 25 प्रतिशत से अधिक

 
    • 50 प्रतिशत से अधिक होने का समर्थन

 
  • जांच, न्यूनतम स्तर, अन्य पार्टी को अवसर, अनंतिम शुल्क

 
  • शुल्क डंपिंग के मार्जिन से अधिक नहीं हो&