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राज्य नीति |
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अंडमान-निकोबार3.संयुक्त उद्यम परियोजनाएं:
अंडमान-निकोबार द्वीप समूह एकीकृत विकास निगम अथवा अन्य सरकारी एजेंसियों के माध्यम से प्रशासन निम्नलिखित क्षेत्रों में चयनित आधार पर संयुक्त उद्यम परियोजनाओं को प्रोत्साहित करेगा:
4.प्रमुख संवेगी क्षेत्र अध्याय 3 में सम्मिलित सभी संयुक्त उद्यम परियोजनाओं, अनिवासी भारतीय/विदेशी निवेश वाली परियोजनाओं, निर्यातोन्मुख इकाइयों और इलैक्ट्रॉनिक्स, सिंथेटिक जैम्स, मत्स्य प्रसंस्करण इकाइयां, केन, नारियल और कॅयर आधारित उद्योगों को प्रमुख संवेगी क्षेत्र के रूप में वर्गीकृत किया गया है और ये भिन्न विद्युत शुल्क, ब्याज सब्सिडी, स्थानीय करों/उप-करों/रॉयल्टी/चुंगीकर आदि से छूट सहित भूमि आवंटन तथा अन्य संरचनात्मक सहायता के संबंध में विशेष प्रोत्साहन/वरीय उपचार के लिए पात्र होंगे। 5. नकारात्मक सूची इन द्वीप समूहों की अद्वितीय पारिस्थितिकीय प्रणाली के कारण इन द्वीप समूहों में उद्योगों के विकास में अत्यधिक सावधानी भरे अभिगम की आवश्यकता है। एक पर्यावरणीय संपोषणीय तरीके से उद्योगों के संवर्धन की दृष्टि से, प्रमुख संवेगी क्षेत्र परियोजनाओं में सम्मिलित उद्योगों के अलावा, प्रशासन ने कुछ उद्योगों की सूची तैयार की है जिन्हें द्वीप समूहों में स्थापित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी (ये प्रोत्साहनों और रियायतों के पात्र नहीं हैं)। ये हैं:
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