अंडमान-निकोबार
8. उद्योगों के विकास के लिए प्रोत्साहन पैकेज:
क. अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह प्रशासन संतुलित औद्योगिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उद्योगों के संवर्धन के लिए, उद्योग विभाग ने लघु उद्योगों के लिए एक अद्वितीय प्रोत्साहन पैकेज तैयार किया है। इसमें निम्नलिखित सम्मिलित हैं:
- अति लघु, कुटीर और लघु उद्योगों को घटी हुई ब्याज दर पर ऋण:
अति लघु, कुटीर और लघु उद्योग इकाइयों को सावधि ऋण पर 7 प्रतिशत और संयंत्र तथा मशीनरी खरीदने व स्थापित करने, कारखाने, शेड, कुएं, टैंकों और अन्य भवन निर्माण, कच्चे माल की खरीद और भूमि के विकास के लिए कार्यशील पूंजी पर 10 प्रतिशत प्रतिवर्ष की ब्याज दर पर अधिकतम 5.0 लाख रुपए का एक समेकित ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
- औद्योगिक क्षेत्र में निर्मित शेड और विकसित भूखंड:
गाराचरमा में एक औद्योगिक क्षेत्र है तथा डॉलीगंज (एस/अंडमान), बकुलतला (एम/अंडमान) और कैंपबैल बे (जी/निकोबार) में तीन और औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। इन क्षेत्रों के अंतर्गत कुल 33 हैक्टेयर भूमि सम्मिलित की गई है जिनमें अगले कुछ वर्षों में 150 से अधिक शेड बनाए जाएंगे। केवल कॅयर उत्पादों के लिए दक्षिणी अंडमान में एक औद्योगिक क्षेत्र की योजना भी बनाई गई है। शेडों और भूखंडों के लिए उद्यमियों से मामूली किराया लिया जाता है।
- डीजी सैट, भूमि विकास और जल संचयन उपकरणों की स्थापना पर सब्सिडी:
उद्योग निदेशालय, अंडमान-निकोबार प्रशासन से पंजीकृत सभी लघु उद्योग और लघु सेवा और व्यवसाय उद्यम डीजी सैटों की लागत के लिए 50 प्रतिशत और भूमि के विकास पर व्यय की 50 प्रतिशत, प्रत्येक मामले में अधिकतम 1.00 लाख रुपए के अध्यधीन, तथा अधिकतम 50,000 रुपए के अध्यधीन आंतरिक जल संचयन उपकरणों की लागत की 50 प्रतिशत सब्सिडी के लिए पात्र हैं।
- डीजी सैट/आंतरिक जल संचयन उपकरणों के प्रापण के लिए ब्याज मुक्त ऋण:
उद्योग निदेशालय से पंजीकृत सभी लघु उद्योग इकाइयां डीजी सैटों की खरीद के लिए अधिकतम 2.75 लाख रुपए और आंतरिक जल संचयन उपकरणों के लिए 1.00 लाख के अध्यधीन, डीजी सैटों और आंतरिक जल संचयन उपकरणों की वास्तविक लागत के 90 प्रतिशत तक ऋण के लिए पात्र हैं। यद्यपि, पेशगी राशि के रूप में उपकरणों की कुल लागत के 10 प्रतिशत का योगदान उद्यमियों द्वारा किया जाना वांछित है।
- मुख्यभूमि-द्वीपसमूह परिवहन सब्सिडी योजना:
पात्र लघु उद्योग इकाइयों को मुख्यभूमि बंदरगाह से इकाई स्थल तक कच्चे माल के परिवहन और इकाई स्थल से मुख्यभूमि बंदरगाहों तक तैयार माल के परिवहन के लिए माल-भाड़े के 90 प्रतिशत की प्रतिपूर्ति की जाती है। भारत सरकार की केंद्रीय परिवहन सब्सिडी योजना के अंतर्गत पात्र इकाइयां इस योजना के अंतर्गत पात्र नहीं हैं।
- अंतरद्वीपीय परिवहन सब्सिडी योजना:
पात्र लघु उद्योग इकाइयों को अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के अंतरद्वीपीय पत्तन/जेटी से इकाई स्थल तक कच्चे माल के परिवहन और इकाई स्थल से अंतरद्वीपीय पत्तन/जेटी तक तैयार माल के परिवहन के लिए माल-भाड़े के 90 प्रतिशत की प्रतिपूर्ति की जाती है।
- द्वीपसमूह पूंजीगत निवेश सब्सिडी योजना:
भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग/उद्योग निदेशालय से पंजीकृत लघु उद्योग इकाइयों और लघु सेवा एवं व्यवसाय उद्यमों को अधिकतम 25 लाख रुपए के अध्यधीन 25 प्रतिशत पूंजीगत निवेश सब्सिडी प्रदान की जा रही है। केवल 1.4.1995 के बाद स्थापित इकाइयां ही योजना के अंतर्गत सब्सिडी के लिए पात्र हैं। अपनी उत्पादन क्षमता को 25 प्रतिशत तक बढ़ाने वाली इकाइयां भी सब्सिडी के लिए पात्र हैं।
- अपने उत्पादों का मुख्यभूमि पर विपणन करने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए संवर्धक अंशदान हेतु ब्याज मुक्त ऋण:
उद्योग निदेशालय से पंजीकृत सभी लघु उद्योग इकाइयां अधिकतम 50,000 रुपए के अध्यधीन संवर्धक मार्जिन के लिए परियोजना लागत के 10 प्रतिशत तक ब्याज मुक्त ऋण के लिए पात्र हैं, बशर्ते कि वे अपने उत्पादों का न्यूनतम 30 प्रतिशत मुख्यभूमि पर विपणन करती हों। संवर्धक का अपना अंशदान परियोजना लागत का 5 प्रतिशत होगा।
- प्रधानमंत्री रोज़गार योजना के लाभार्थियों को ब्याज सब्सिडी:
प्रधानमंत्री रोज़गार योजना के लाभार्थी इस शर्त पर कि बैंकों को मूलधन और ब्याज की किश्तों का भुगतान नियमित और समय पर है, 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी के पात्र हैं।
- नवीकृत डिज़ाइनों के विकास के लिए शिल्पियों को वित्तीय सहायता और पुरस्कार:
हस्तशिल्पों में नए डिज़ाइनों के विकास के लिए शिल्पकारों को प्रोत्साहित करने हेतु, विभाग विशेषज्ञता की मान्यता के उपाय के रूप में पुरस्कारों की एक योजना का कार्यान्वयन करता है। इसके अतिरिक्त, प्रतिवर्ष सर्वोत्तम शिल्पकारों को पुरस्कार राशि और प्रमाणपत्र भी प्रदान किए जाते हैं।
- ऋण गारंटी योजना:
यह अनुभव किया गया है कि राष्ट्रीयकृत बैंकों/वित्तीय संस्थानों से ऋण प्राप्त करने के लिए स्थानीय उद्यमी संपार्श्विक जमानत देने की समस्या का सामना करते हैं। प्रशासन ने 10 लाख रुपए प्रति इकाई के खराब ऋणों के लिए बैंकों/वित्तीय संस्थानों को गारंटी दी है।
ख. वित्तीय प्रोत्साहन:
इस संघशासित क्षेत्र में कोई बिक्रीकर नहीं है और उद्योग इस रियायत का लाभ उठाते हैं। औद्योगिक उद्देश्यों के लिए प्रयुक्त संयंत्र और मशीनरी/ उपकरणों पर लघु उद्योगों इकाइयों के लिए चुंगीकर से छूट दी गई है।
भारत सरकार द्वारा नए औद्योगिक उपक्रमों के लिए पांच वर्षीय कर अवकाश, रियायती उत्पाद-शुल्क आदि जैसे श्रेणी "क" के औद्योगिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों के लिए दी गई राहत और रियायतें इस द्वीपसमूह में स्थापित इकाइयों को भी उपलब्ध कराई गई हैं।
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