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दमण व दीव

दमण व दीव और दादरा व नगर हवेली के जिला उद्योग केंद्र

सूचना स्रोत: महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, मोटी दमण 396220

तेज़ी से विकसित होता खूबसूरत क्षेत्र:

संघशासित क्षेत्र दमण दीव और दादरा नगर हवेली उद्योग और पर्यटन के लिए एक आधुनिक और खूबसूरत पट्टी में तेज़ी से विकसित हो रहे हैं। आदर्श रूप में स्थित होने और बेहतर संपर्क के अलावा, ये संघशासित क्षेत्र व्यवसाइयों और उद्योगपतियों को यहां अपना आधार स्थापित करने के लिए बेहतरीन प्रोत्साहन प्रस्तुत करते हैं।

रेल, सड़क और हवाईमार्ग द्वारा बेहतर संपर्क:

दमण गुजरात राज्य की दक्षिणी सीमा पर राष्ट्रीय राजमार्ग 8 के निकट स्थित है और मुंबई से लगभग 193 किलोमीटर तथा वापी - पश्चिमी रेलवे के निकटतम रेलवे स्टेशन से 11 किलोमीटर दूर है।

दीव वेरावल से दक्षिण में लगभग 90 किलोमीटर और राजकोट से 200 किलोमीटर सौराष्ट्र तट पर है। दीव भी मुंबई से हवाई मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है।

दादरा व नगर हवेली भी गुजरात की दक्षिणी सीमा पर राष्ट्रीय राजमार्ग 8 की पूर्वी दिशा में स्थित है और मुंबई से लगभग 190 किलोमीटर और पश्चिमी रेलवे के निकटतम रेलवे स्टेशन वापी से 19 किलोमीटर दूर है।

ऐसा समय और कहां:

इन केंद्रों में, आपको एक प्रेरक परिवेश, तीव्र अनुमोदन, कर अवकाश और अन्य लाभ, सब कुछ सर्वोत्तम मिलता है। अपने प्रस्तावों के साथ पधारिए। व्यवसाइयों और उद्योगपतियों के लिए अपने उद्योग स्थापित करने हेतु आने और सभी प्रोत्साहनों पर विचार-विमर्श करने के लिए यह आदर्श समय है।

कर रियायतें:

  1. बिक्री कर सुविधाएं::

    दादरा व नगर हवेली में इकाइयों की सभी श्रेणियों अर्थात् लघु उद्योगों, मध्यम उद्योगों और बड़े उद्योगों को उत्पादन प्रारंभ करने की तिथि से 15 वर्षों की अवधि के लिए ब्रिकी कर के भुगतान से छूट दी गई है। दमण व दीव में यह सुविधा लघु उद्योगों को 15 वर्षों के लिए, मध्यम उद्योगों को 15 वर्षों और बड़े उद्योगों को 15 वर्षों के लिए उपलब्ध है।

  2. चुंगीकर::

    इन संघशासित क्षेत्रों में कोई चुंगीकर नहीं है।

  3. स्टाम्प शुल्क से छूट::

    दमण व दीव में कानूनी दस्तावेजों जैसे पट्टा/बंधक करार आदि के कार्यान्वयन के लिए लघु उद्योगों को स्टाम्प शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट उपलब्ध है।

  4. कर अवकाश::

    हाल ही में प्रारंभिक पांच मूल्यांकन वर्षों के लिए आयकर अधिनियम की धारा 80-आईए के अंतर्गत आयकर में 100 प्रतिशत लाभ प्रारंभ किया गया है।

सभी के लिए स्वर्ग समान - बेहतरीन सुविधाएं:

  1. संचार:

    राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय, सभी महत्वपूर्ण स्थानों के लिए एसटीडी और आईएसडी के माध्यम से टेलीफोन सुविधाएं। टेलेक्स और फैक्स सुविधाएं भी सरलता से उपलब्ध हैं।

  2. श्रम:

    शांतिपूर्ण और सामंजस्यपूर्ण श्रम वातावरण। बढ़िया उत्पादन और मनोरंजक गतिविधियों के लिए बढ़िया मौसमी स्थितियां, अच्छे होटल और बीच रिसोर्ट्स।

  3. परिवहन:

    बारहमासी सड़कों के फैले हुए आंतरिक जाल के साथ-साथ सड़क और रेल द्वारा बेहतरीन परिवहन संपर्क। मुंबई, सूरत, बड़ौदा और अहमदाबाद जैसे व्यापार केंद्रों से सामीप्य एक अतिरिक्त आकर्षण है।

  4. आवास:

    डीआईडीसी कमज़ोर वर्गों विशेषकर औद्योगिक श्रमिकों के लिए उचित दरों पर आवासीय प्लॉट उपलब्ध कराने के लिए आवासीय परियोजनाएं प्रारंभ करने का प्रस्ताव करता है।

  5. शिक्षा:

    अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के साथ-साथ पॉलिटेक्निक, आईटीआई, टीटीआई जैसे तकनीकी संस्थानों जैसी सुस्थापित शैक्षिक सुविधाएं।

  6. पर्यावरण:

    हवा स्वच्छ और ताज़गी भरी है। किसी प्रकार के प्रदूषित उद्योग की अनुमति नहीं है।

  7. स्वास्थ्य:

    सुसज्जित सरकारी और निजी स्वामित्व वाले क्लिनिकों तथा अस्पतालों के साथ सभी सुविधाएं।

निम्न विद्युत शुल्क:

औद्योगिक उद्देश्यों के लिए हाई टेंशन और लो टेंशन उपभोक्ताओं हेतु संघशासित क्षेत्र में विद्युत शुल्क काफी कम हैं।

आपका मित्रवत् पड़ोसी निगम:

ओमनीबस औद्योगिक विकास निगम (ओआईडीसी) सभी प्रकार की सहायता और जानकारी जिसकी आपको आवश्यकता है, प्रदान करने के लिए प्रस्तुत है। आपको सिर्फ पूछना है। कोई प्रतीक्षा नहीं। कोई लालफीताशाही नहीं। दमण व दीव और दादरा व नगर हवेली के मैसर्स ओमनीबस औद्योगिक विकास निगम की स्थापना भारत सरकार द्वारा उद्योग, मत्स्य, खनन, पर्यटन, कृषि-उद्योग, संचार, परिवहन, आवास और संबंधित गतिविधियों को सम्मिलित करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में विशेष रूप से इन संघशासित क्षेत्रों के आर्थिक विकास में सहायता, वित्तपोषण, संवर्धन, विस्तार और गति प्रदान करने के लिए की गई है।

ओआईडीसी की गतिविधियां::

  1. वित्तपोषण:

    ओआईडीसी को भारत सरकार द्वारा आईडीबीआई अधिनियम के अंतर्गत भारतीय औद्योगिक विकास बैंक (आईडीबीआई) और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (एसआईडीबीआई) की पुनर्वित्त योजनाओं के लिए वित्तीय संस्थान के रूप में अधिसूचित किया गया है। ओआईडीसी द्वारा आईडीबीआई/एसआईडीबीआई की जिन कुछ महत्वपूर्ण योजनाओं को हाथ में लेने की संभावना है, वे निम्नलिखित हैं:

    1. उद्योग को सावधि ऋण - अधिकतम सीमा 90 लाख रुपए (कुटीर, ग्रामीण और अति लघु उद्योग, लघु उद्योग, मध्यम उद्योग और बड़े उद्योग)

    2. होटलों/पर्यटन संबंधी परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता।

    3. छोटे परिवहन संचालकों के लिए वित्तीय सहायता।

  2. औद्योगिक क्षेत्रों का विकास:

    ओआईडीसी दमण व दीव में गोवा, दमण व दीव औद्योगिक विकास निगम द्वारा पहले विकसित किए गए विद्यमान औद्योगिक क्षेत्रों का अधिग्रहण कर रहा है। दमण व दीव में औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए अतिरिक्त भूमि के अधिग्रहण की कार्रवाई प्रारंभ हो गई है। दादरा व नगर हवेली में एक औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए योजना विचाराधीन है। ये क्षेत्र आंतरिक सड़कों, जलापूर्ति, विद्युत व्यवस्था, स्ट्रीट लाइटों और कैंटीन, बैंक, सम्मेलन कक्षों आदि जैसी अन्य सामान्य सुविधाओं जैसी सभी आधारभूत संरचनात्मक सुविधाओं के साथ पूर्णत: योजनाबद्ध होंगे।

    व्यवसाइयों को को दीर्घावधि पट्टा आधार पर आवंटित किए जाने वाले प्लॉट निम्नलिखित आकारों के हैं:

    1. 500 से 1000 वर्ग मीटर.

    2. 1000 से 1500 वर्ग मीटर

    3. 1500 से 2000 वर्ग मीटर

    4. 2000 से 2500 वर्ग मीटर

    प्लॉटों को पट्टे पर देने, भुगतान आदि के लिए मानक शर्तों और निबंधनों का निर्णय आवंटन के समय किया जाएगा।

  3. कच्चे माल का प्रापण और वितरण::

    उचित मूल्यों पर कच्चे माल की सुगमता से उपलब्धता की आवश्यकता को समझते हुए, ओआईडीसी ने आईपीसीएल के प्लास्टिक कच्चे माल की डिस्ट्रिब्यूटरशिप प्राप्त कर ली है। दमण प्लास्टिक उद्योग में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरा है।

  4. पर्यटन::

    ओआईडीसी ने एक संयुक्त उद्यम के रूप में दीव में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के बीच रिसोर्ट की स्थापना के लिए एक परियोजना प्रारंभ की है। निगम संयुक्त उद्यम प्रस्तावों जो पर्यटन क्षेत्र के लिए उपयुक्त और जीवनक्षम हों, को आमंत्रित करता है।

    दमण व दीव और दादरा व नगर हवेली प्रशासन ने पर्यटन को उद्योग के रूप में घोषित करने के लिए भारत सरकार को एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। अनुमोदित होने पर, उद्योगों को उपलब्ध सभी लाभ स्वयंमेव पर्यटन क्षेत्र पर भी लागू हो जाएंगे। ओआईडीसी आपकी भावी योजनाओं के लिए आपको एक स्वर्ग की पेशकश करता है।

आवेदनपत्रों के शीघ्र निपटान के लिए तीव्र अग्रेषण:

ओआईडीसी शीघ्र अनुमोदन प्राप्त करने में आपकी सहायता करता है। भारत सरकार की उदारवादी आर्थिक और औद्योगिक नीतियों की भावनाओं के अनुरूप, दमण व दीव और दादरा व नगर हवेली प्रशासन ने पात्र इकाइयों के लिए लघु उद्योग पंजीकरण और प्रदूषण नियंत्रण समिति, विद्युत कनेक्शन आदि जैसी अन्य अनुमतियों की प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया है। ओआईडीसी इन अनुमतियों को प्राप्त करने में हर प्रकार से सहायता करेगा।