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राज्य नीति | ![]() |
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दिल्ली5.0 संस्थागत सहायतायह विभाग उद्योग निदेशालय से संबद्ध विभिन्न निकायों के माध्यम से प्रौद्योगिकी, वित्त आदि के क्षेत्रों में संस्थागत सहायता प्रदान करता है।
(क) विद्यमान तकनीकी और वित्तीय सहायता संस्थान नए उद्यमों की स्थापना, विद्यमान उद्यमों का आधुनिकीकरण अथवा विविधिकरण करने के इच्छुक उद्यमियों के लिए उद्योग विभाग के पास तकनीकी विशेषज्ञता और मार्गदर्शन उपलब्ध है। वे लघु उद्योग सेवा संस्थान, ओखला से भी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। हरियाणा दिल्ली इंडस्ट्रियल कंसल्टेंट्स लिमिटेड (हरडीकॉन) भी मार्गदर्शन, परामर्श और सुझाव प्रदान करता है। निम्नलिखित संस्थानों द्वारा भी तकनीकी सहायता/मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है: (1) टूल रूम और प्रशिक्षण केंद्र, वज़ीरपुर डेनमार्क के सहयोग से वज़ीरपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित एक टूल रूम और प्रशिक्षण केंद्र 1978 से कार्यरत है। यह केंद्र युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करता है ताकि उन्हें टूल बनाने वालों और डिज़ाइनरों के रूप में प्रशिक्षित किया जा सके। यह केंद्र कंप्यूटर विज्ञान में भी प्रशिक्षण देता है। केंद्र द्वारा निम्नलिखित पाठ्यक्रमों का संचालन किया जाता है: क. तकनीकी शिक्षा बोर्ड, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार द्वारा विधिवत् मान्यताप्राप्त टूल और डाई मेकिंग में चार वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम। ख. टूल डिज़ाइन और निर्माण में दो वर्षीय स्नोतकोत्तर पाठ्यक्रम। ग. टूल रूम मशीन ऑपरेशन और फिटिंग के क्षेत्र में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान से प्रशिक्षित व्यक्तियों के लिए एक वर्षीय अल्पावधि पाठ्यक्रम। घ. कला, वाणिज्य, विज्ञान में स्नातक अथवा मैकेनिकल/इलैक्ट्रिकल/ इलैक्ट्रॉनिक्स में डिप्लोमा प्राप्त व्यक्तियों के लिए कंप्यूटर एप्लीकेशन्स में डेढ़ वर्षीय पोस्ट-डिप्लोमा पाठ्यक्रम। टूल रूम और प्रशिक्षण केंद्र टूल मेकिंग में भी तकनीकी परामर्श प्रदान करता है और लघु तथा अन्य उद्योगों के लिए उच्च गुणवत्तापूर्ण टूल्स, जिग्स, फिक्सचर और मॉल्ड्स का उत्पादन करता है। केंद्र आधुनिक उच्च-प्रौद्योगिकीय कंप्यूटरीकृत न्यूमेरिकली नियंत्रित मशीनों से सुसज्जित है ताकि उच्च स्तरीय शुद्धता के साथ औज़ारों का निर्माण किया जा सके। उच्च-प्रौद्योगिकीय व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र, ओखला कंप्यूटरीकृत न्यूमेरीकली नियंत्रित मशीनों पर प्रशिक्षण देने के लिए इटली सरकार की सहायता से ओखला में उच्च-प्रौद्योगिकीय व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की गई है। इस केंद्र द्वारा निम्नलिखित पाठ्यक्रम चलाए जाते हैं: पाठ्यक्रम और अवधि
लघु इलैक्ट्रॉनिक्स उद्योगों को परीक्षण और विकास सुविधाएं प्रदान करने के लिए भारत सरकार के इलैक्ट्रॉनिक्स विभाग द्वारा ओखला में यह प्रयोगशाला स्थापित की गई है। बुनकर सेवा केंद्र यह केंद्र भारत सरकार द्वारा बुनकर कॉलोनी, भारत नगर में स्थापित किया गया है। भारतीय पैकेजिंग संस्थान झंडेवालान फ्लैटेड फैक्ट्रीज कॉम्पलेक्स में स्थापित यह संस्थान पैकिंग सामग्रियों का परीक्षण और विकास करता है। पटपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र, दिल्ली में संस्थान के भवन, जिसके लिए उद्योग विभाग द्वारा पहले ही एक एकड़ भूखंड आवंटित किया जा चुका है, के निर्माण के बाद केंद्र का कार्यक्षेत्र विस्तृत हो जाएगा। प्रौद्योगिकीय और कौशल उन्नयन के लिए प्रस्तावित अन्य संस्थान (7) दिल्ली वित्त निगम दिल्ली वित्त निगम दिल्ली और चंडीगढ़ में लघु तथा मध्यम क्षेत्र के उद्योगों की दीर्घावधि ऋण आवश्यकताओं की पूर्ति करता है। अचल परिसंपत्तियों जैसे भूमि, भवन, संयंत्र और मशीनरी की खरीद तथा कार्यशील पूंजी के लिए सहायता प्राप्त की जा सकती है। कंपनियों और सहकारी समितियों के मामले में ऋण प्रदान करने की सीमा 240.00 लाख रुपए है, जबकि साझेदाररी और स्वामित्व वाली फर्मों के लिए 90.00 लाख रुपए है। नई इकाइयों की स्थापना के साथ-साथ विद्यमान इकाइयों की जगह बदलने, विस्तार, आधुनिकीकरण, विविधिकरण के लिए सहायता प्रदान की जाती है। समाज के कमज़ोर वर्गों के लिए विशेष योजनाएं हैं जिनके अंतर्गत अत्यधिक रियायती शर्तों पर सहायता प्रदान की जाती है। विशेष लक्षित समूहों जैसे पूर्व सैनिकों, महिलाओं, ट्रांस्पोर्ट ऑपरेटरों, अनुसूचित जाति/जनजाति, शारीरिक विकलांगों आदि की आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु, निगम ने उनके संवर्धन के लिए उपयुक्त योजनाएं तैयार की हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की औद्योगिक नीति उन उद्योगों के संवर्धन पर विशेष बल देती है जो कम जगह और विद्युत के साथ उत्पादन का उच्चतम स्तर प्राप्त कर सकें, स्थानीय कुशल व्यक्तियों के लिए अधिकतम रोज़गार सृजित कर सकें, उच्च मूल्य वर्धित वस्तुओं का उत्पादन करने वाले सौम्य उद्योग जो भीड़भाड़ और यातायात में बाधा न डालें तथा गैर-प्रदूषित और गैर-खतरनाक प्रकृति के हों। निगम ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के साथ-साथ उद्योग आयुक्त, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार द्वारा जारी निर्देशों/दिशानिर्देशों के प्रकाश में मास्टर प्लान की अनुसूची ए और ए-1 में दिए गए एचएचआई के अलावा दिल्ली के असंगत क्षेत्रों में संचालित औद्योगिक इकाइयों को वित्तीय सहायता देने पर रोक लगा दी है। इन बाधाओं के दृष्टिगत, निगम ने अपनी गतिविधियों को लीज वित्तपोषण, कार्यशील पूंजी वित्तपोषण और अन्य क्षेत्रों की ओर मोड़ दिया है। स्वच्छ और पर्यावरण-सापेक्ष प्रौद्योगिकी के संवर्धन और बढ़ी हुई लाभदायकता व प्रतिस्पर्धात्मकता के साथ गुणवत्तापूर्ण वस्तुओं के उत्पादन की सुविधा प्रदान करने के लिए लघु उद्योग इकाइयों को आधुनिकीकरण तथा उनकी प्रौद्योगिकी के उन्नयन हेतु प्रोत्साहित करने के लिए, निगम ने निम्नलिखित दो योजनाएं प्रारंभ की हैं:
निगम ने पीवीसी बाज़ार डीलरों के पुनर्वास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु एक विशेष कार्यक्रम तैयार किया है। दिल्ली वित्त निगम ने भूमि खरीदने, भवन निर्माण और कार्यशील पूंजी के लिए निगम के मानदंडों के अनुरूप उन्हें वित्तीय सहायता देने हेतु एक विशेष कार्यक्रम बनाया है। असंगत क्षेत्रों से उद्योगों को बाहर भेजने संबंधी सर्वोच्च न्यायालय के हाल ही के आदेशों के दृष्टिगत, निगम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार द्वारा विकसित नए औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगों को ले जाने हेतु वित्तपोषण का प्रस्ताव करता है। यह एक विशाल कार्य है और इससे दिल्ली के लघु उद्योगों को अपनी प्रौद्योगिकी और संरचनात्मक ढांचे का आधुनिकीकरण तथा उन्नयन करने का शानदार अवसर प्राप्त होगा। दिल्ली वित्त निगम की प्रमुख योजनाओं का विवरण अनुबंध-4 पर दिया गया है। (ख) अन्य संस्थान 1. दिल्ली राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड दिल्ली राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड जिसकी स्थापना कंपनी अधिनियम, 1956 के अंतर्गत वर्ष 1971 में संघशासित क्षेत्र दिल्ली में लघु उद्योगों को सहायता, वित्त और उनके हितों के संवर्धन के लिए की गई थी, के पास वर्तमान समय में 30.00 करोड़ रुपए की प्राधिकृत पूंजी और 21.86 करोड़ रुपए की प्रदत्त पूंजी है। (1) संरचनात्मक विकास उद्योगों की पुन:बसावट की योजना के अंतर्गत, कुल 102 एकड़ भूमि क्षेत्र पर झिलमिल, पटपड़गंज, बादली, ओखला और नरेला औद्योगिक कांपलेक्सों में फ्लैटिड फैक्टरियों के निर्माण के लिए परियोजनाओं पर विचार किया गया है और भवन निर्माण आयोजना को सक्षम स्थानीय निकायों के अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया गया है। इस योजना में 50 वर्ग मीटर की 5000 इकाइयों के निर्माण का प्रस्ताव किया गया है और उनका आवंटन ऐसे उद्यमियों को किया जाएगा जो पहले से ही असंगत क्षेत्रों में अपने उद्योग चला रहे हैं। इस भूमि पर एक आधुनिक औद्योगिक कांपलेक्स के निर्माण का प्रस्ताव है जबकि औद्योगिक भूखंड ऐसी इकाइयों को आवंटित किए जाएंगे जो वर्तमान में दिल्ली के असंगत क्षेत्रों में चलाई जा रही हैं। इन औद्योगिक कांपलेक्सों में सभी आधुनिकी सुविधाएं जैसे चौड़ी सड़कें, पर्याप्त विद्युत आपूर्ति, जलापूर्ति, सीवरेज सहित सीईटीपी और आधुनिक समय में सफल औद्योगिक कांपलेक्सों के लिए आवश्यक अन्य सभी सुविधाएं होंगी। (2) दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए मिनी मास्टर प्लान के अंतर्गत कार्य प्रारंभ में दिल्ली राज्य औद्योगिक विकास निगम को 27 गांवों में बहुद्देशीय सामुदायिक केंद्रों के निर्माण का कार्य सौंपा गया है। 22 स्थलों पर निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है और अन्य स्थानों पर यह संपन्न होने वाला है। डीएसआईडीसी के विकास के प्रभाव से 14 केंद्रों की शुरूआत हो चुकी है और बहुद्देशीय सामुदायिक केंद्रों के निर्माण के लिए अन्य 29 गांवों को डीएसआईडीसी को सौंपा गया है। विकास आयुक्त, दिल्ली सरकार के कार्यालय को अनुमान भेजे जा चुके हैं और उनसे ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य-स्थल और निधियां डीएसआईडीसी को सौंपने का अनुरोध किया गया है। इस योजना के अंतर्गत दिल्ली में कुल 16 विकास केंद्रों का निर्माण किया जाना है और इनमें से दो विकास केंद्र डीएसआईडीसी को दिए गए हैं जो दिल्ली के कंझावला और बापरोला गांवों में हैं। डीएसआईडीसी ने आवश्यक आयोजना तैयार करके आवश्यक अनुमोदन के लिए डीडीए को प्रस्तुत कर दी हैं। इन विकास केंद्रों में संस्थागत क्षेत्रों, वाणिज्यिक केंद्रों, आवासीय क्षेत्रों, औद्योगिक संरचना और मनोरंजन सुविधाओं आदि को स्थान दिया जाएगा। (3) सामुदायिक कार्य केंद्र समाज के कमज़ोर वर्गों को स्वरोज़गार के अवसर प्रदान करने के लिए, 22 नए कार्य केंद्रों में 2571 कार्य-स्थलों का आवंटन पूरा हो चुका है। अन्य 555 कार्य स्थलों के आवंटन का ड्रॉ किया जा चुका है और निकट भविष्य में उन्हें आवंटित कर दिए जाने की आशा है।
(4) नरेला औद्योगिक कांपलेक्स डीएसआईडीसी ने नरेला में 247 हैक्टेयर भूमि में फैले एक पर्यावरण सापेक्ष औद्योगिक क्षेत्र में आधुनिक औद्योगिक कांपलेक्स का विकास किया है। यह कांपलेक्स सामान्य बहिस्रावी उपचार संयंत्र, उपचार के बाद बागवानी में प्रयोग हेतु व्यर्थ पानी का पुनर्चक्रण, भांडारागारों के लिए स्थान, डीटीसी डिपो, टेलीफोन एक्सचेंज, ईएसआई अस्पताल, फायर स्टेशन आदि की सुविधाएं प्रदान करेगा। इसके साथ-साथ, व्यवसाइयों की खरीदारी आवश्यकताओं और कार्यालय स्थलों की उपयुक्त पूर्ति के लिए सात विभिन्न स्थानों पर सुविधा केंद्र स्थित हैं। कुल 1800 औद्योगिक भूखंड तैयार किए गए हैं जिनमें से 1584 का कब्जा पहले ही दिया जा चुका है। नरेला औद्योगिक कांपलेक्स में, एक उच्च प्रौद्योगिकीय इलैक्ट्रॉनिक एस्टेट जिसमें कंप्यूटर, इलैक्ट्रॉनिक्स, दूरसंचार और उच्च प्रौद्योगिकी वाले गैर-प्रदूषित उद्योग होंगे, की स्थापना का प्रस्ताव है। इसका कुल निर्माण क्षेत्र एक लाख साठ हजार वर्ग मीटर होगा। (5) विपणन डीएसआईडीसी दिल्ली की लघु उद्योग इकाइयों को उनके उत्पादों के विपणन में सहायता प्रदान करता है। वर्ष 1995-96 में, निगम का टर्नओवर पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान 3.34 करोड़ रुपए की तुलना में 7.14 करोड़ रुपए था। (6) अन्य वर्ष 1995-96 के दौरान, ओवरसीज़ मैनपावर ब्यूरो ने चौहत्तर डॉक्टरों और अर्धचिकित्सकीय कार्मिकों को विदेश में रोज़गार के लिए भेजा है। (7) प्रदर्शनियां डीएसआईडीसी का नई दिल्ली के प्रगति मैदान प्रदर्शनी स्थल में एक स्थाई पवेलियन भी है जो अंतरराष्ट्रीय मेलों और समय-समय पर आयोजित विशेष प्रदर्शनियों द्वारा दिल्ली के उद्योगों के प्रदर्शन झरोखे के रूप में कार्य करता है। लघु उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री में सक्षम बनाने के लिए दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर भी प्रदर्शनियां आयोजित की जाती हैं। राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनियों में डीएसआईडीसी की सहभागिता के द्वारा हथकरघा बुनकरों को देश के विभिन्न स्थानों पर अपने उत्पादों की बिक्री का अवसर प्रदान किया जाता है। विगत कुछ वर्षों के दौरान, प्रदर्शनी प्रभाग छोटे दस्तकारों, शिल्पकारों, लघु उद्योग इकाइयों आदि को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में पहुंच प्रदान करने के लिए विदेशों में प्रदर्शनियों में भाग लेता रहा है। (viii) भारती दिल्ली एम्पोरियम दिल्ली एम्पोरियम 1973 से बाबा खड़क सिंग मार्ग, कनॉट प्लेस, नई दिल्ली में राज्य एम्पोरियम कांपलेक्स में कार्य कर रहा है। 2. स्वरोज़गार समिति रेडियो और टेलीविजन मरम्मत, फैशन डिज़ाइनिंग, बिजली के घरेलू उपकरणों और फिटिंगों की मरम्मत और रखरखाव, रेफ्रीजिरेशन और एयरकंडीशनिंग तथा नलसाजी में अल्पावधि प्रशिक्षण देने के लिए उद्योग विभाग द्वारा स्वरोज़गार समिति की स्थापना की गई है। समिति का मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्वरोज़गार सृजित करने में उनकी सहायता करने की दृष्टि से प्रशिक्षित करना है। प्रशिक्षण केंद्र ई-26-29 और ए-41-44 फ्लैटिड फैक्ट्रीज़ कांपलेक्स, झंडेवालान, नई दिल्ली-55 और शेड संख्या 7 व 8, बुनकर कॉलोनी, गगन सिनेमा के सामने, सुंदर नगरी (नन्द नगरी), दिल्ली में स्थित हैं। प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों का विवरण निम्नलिखित है: 30/6/97 तक, 3496 उम्मीदवारों को विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षित किया जा चुका है। इस समय सभी व्यवसायों में पाठ्यक्रमों का संचालन झंडेवालान में और फैशन डिज़ाइनिंग के एक पाठ्यक्रम का संचालन नन्द नगरी प्रशिक्षण केंद्र में किया जाता है। कुछ और व्यवसायों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों को चरणबद्ध रूप में प्रारंभ करने की संभावना है। 3. दिल्ली खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड उद्योग मंत्री, दिल्ली सरकार की अध्यक्षता में इस सांविधिक बोर्ड का 10-07-96 को पुनर्गठन किया गया था। यह दो योजनाओं यथा खादी और ग्रामोद्योग योजना तथा ब्लॉक ऋण योजना का कार्यान्वयन करता है जिनकी प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं: खादी और ग्रामोद्योग योजना ब्लॉक ऋण योजना 4. हरियाणा दिल्ली इंडस्ट्रियल कंसल्टेंट्स लिमिटेड (हारडीकॉन) दिल्ली वित्त निगम और राष्ट्रीयकृत बैंकों सहित अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों यथा आईएफसीआई, आईडीबीआई, आईसीआईसीआई द्वारा स्थापित एक परामर्शी संगठन हारडीकॉन दिल्ली की मध्यम, लघु और अति लघु औद्योगिक इकाइयों को तकनीकी और वित्तीय परामर्शी सेवाएं प्रदान करता रहा है। हारडीकॉन सेबी के साथ एक मर्चेंट बैंकर के रूप में पंजीकृत है और सार्वजनिक निर्गम के माध्यम से धन जुटाने की योजना बनाने में औद्योगिक इकाइयों को परामर्शी सेवाएं प्रदान करता है। हारडीकॉन का कार्यालय डी-28, फ्लैटिड कांपलेक्स, झंडेवालान में है और यह निम्नलिखित क्षेत्रों में औद्योगिक तथा तकनीकी परामर्श प्रदान करता है: (1) परियोजना का चिह्नांकन, संभाव्यता अध्ययन, परियोजना रिपोर्ट और ऋण सिंडीकेशन।
हारडीकॉन उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन भी करता है। यह प्रधानमंत्री रोजगार योजना के लाभार्थियों के लिए निरंतर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन कर रहा है। हारडीकॉन इस क्षेत्र में नवीकरण योग्य ऊर्जा उत्पाद परियोजनाओं के संवर्धन के लिए इंडियन रीन्यूएबल एनर्जी डवलपमेंट एजेंसी लिमिटेड (आईआरईडीए) का व्यवसाय विकास सहयोगी है। एक अलाभकारी संगठन होने के कारण हारडीकॉन सामान्य परामर्शी शुल्क लेता है। |