उद्देश्य और रणनीति
उद्देश्य
औद्योगिक नीति 2003 का प्राथमिक उद्देश्य गुजरात में उद्योगों के लिए वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को प्राप्त करना है।
यद्यपि, एक वाक्य में परिवृत किए जाने वाले औद्योगिक विकास से संबंधित सभी मुद्दों के स्वरग्राम का संबोधन पूरा नहीं होगा और इस प्रकार उद्देश्य को अनुषंगी उद्देश्यों के संदर्भ में एक विस्तृत परिप्रेक्ष्य में देखना होगा। इसे ध्यान में रखते हुए, अनुषंगी उद्देश्यों का विवरण इस प्रकार है:
- उन निवेशकों के लिए एक अनुकूल वातावरण सृजित करना जिन्होंने अपनी निवेश योजनाओं के लिए सर्वप्रथम गुजरात के बारे में सोचा है और जो इस प्रकार गुजरात को 21वीं सदी में निवेश के लिए सर्वाधिक प्रतिस्पर्धी मुकाम के रूप में उभरने में सक्षम बनाते हैं।
- नए उद्यमियों और विद्यमान उद्यमों को संबंधित क्षेत्रों में नवीनतम सूचना से सुसज्जित करना।
- सरकार - राज्य और जिला दोनों स्तरों पर सरकारी सुविधा तंत्र को सुदृढ़ बनाना।
- उद्योगों की आवश्यकताओं के प्रति प्रशासन को संवेदनशील बनाना।
- ई-शासन की अवधारणा को उसकी मूल भावना के अनुरूप कार्यान्वित करना।
- विधिसम्मत शिकायतों के निवारण के लिए मौजूदा तंत्र को सुदृढ़ करना।
- निजी क्षेत्र के निवेश को शामिल करते हुए सर्वोत्तम संरचनात्मक सुविधाओं का विकास करना।
- विकासात्मक उत्तरदायित्वों को ग्रहण करने के लिए औद्योगिक क्षेत्रों का सशक्तिकरण करना।
- निवेशकों के दृष्टिकोण के अनुसार राज्य में जीवन की गुणवत्ता में वृद्धि करना।
- श्रमशक्ति की भावी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए उपयुक्त पाठ्यक्रम प्रारंभ करके विश्वविद्यालयों सहित शैक्षिक संस्थानों और उद्योगों के मध्य रणनीतिक संपर्क स्थापित करना।
- उत्पादकता में वृद्धि के लिए क्षमता निर्माण और कौशल उन्नयन के माध्यम से मानव संसाधन विकास हेतु उपयुक्त उपाय करना।
- श्रम सुधारों को प्रारंभ करके अनुकूल व्यवसाय वातावरण का विकास करना।
- नियमों, विनियमों और प्रक्रियागत पक्षों का सरलीकरण।
- पर्यावरणीय अपक्षय को रोकना।
- नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर परियोजना शीघ्र पूरी होने के साथ ही गुजरात में कृषि क्षेत्र में एक उछाल आएगा और राज्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का विकास करके इस थाती को लाभदायक उद्यम में संसाधित करने के लिए इस बढ़े हुए कृषि उत्पादन का पूंजीकरण करने की योजना बना रहा है।
- राज्य में परिपक्व विनिर्माण खंडों को सुदृढ़ बनाना।
- राज्य में बड़े पैमाने पर रोज़गार अवसरों के सृजन के लिए श्रम-बाहुलता वाले उद्योगों का संवर्धन करना।
- बेहतर विकास के लिए लघु उद्योगों को सहायता प्रदान करना।
- विद्यमान उद्योग क्लस्टरों को सुदृढ़ बनाना और नए क्लस्टरों का संवर्धन करना।
- बैंक वित्त प्राप्ति में लघु और मध्यम उद्योगों की सहायता करना।
- उद्योगों में अनुसंधान और विकास प्रयासों के संवर्धन द्वारा "गुणवत्ता जागरुकता" की भावना उत्पन्न करना।
- प्रौद्योगिकी उन्नयन कार्यक्रम आत्मसात करने में उद्योगों की सहायता करना।
- राज्य में उद्योगों के विभिन्न क्षेत्रों पर विश्व व्यापार संगठन की व्यवस्था के प्रभावों के कारण दुष्प्रभावों को समाप्त करने के लिए नीतियां बनाना।
- विश्व व्यापार संगठन की व्यवस्था की चुनौतियों का सामना करन और साथ ही उनके लाभ के अवसरों का दोहन करने के लिए गुजरात के उद्योगों को तैयार करना।
- औद्योगिक रुग्णता को रोकने के लिए उद्योगों की सहायता करना।
- अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्पादों की "गुणवत्ता" और "ब्रांड इमेज" के संदर्भ में गुजरात को सर्वोत्तम राज्य के रूप में प्रक्षेपित और स्थापित करना।
- गुजरात की औद्योगिक इकाइयों को प्रतिस्पर्धी शुल्कों पर गुजरात में उपलब्ध प्राकृतिक गैस की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना।
- कर व्यवस्था को तर्कसंगत बनाना।
- अनिवासी भारतीयों/गुजरातियों की स्व-यथार्थकरण आवश्यकताओं और राज्य की विकासात्मक आवश्यकताओं के मध्य अंतरों को पाटना।
- पत्तन-संचालित औद्योगीकरण का संवर्धन करना।
- क्षेत्रीय असंतुलन को ठीक करना।
- मत्स्य पालन विकास, जनजातीय लोगों के अपने क्षेत्रों में रोज़गार अवसरों के सृजन द्वारा उनका सशक्तीकरण और कच्छ जिले की विकासात्मक गति के विशिष्टिकरण जैसे विशिष्ट मुद्दों के विकासात्मक पहलू पर ध्यान देना।
उपरोक्तानुसार इस नीति के उद्देश्यों की पूर्ति अंतत: पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर रोज़गार अवसरों के सृजन के लिए जीवनक्षम औद्योगिक विकास की प्राप्ति की ओर ले जाएगी जिसके कारण क्षेत्रीय असंतुलन ठीक होगा। यह नीति औद्योगिक उत्पादकता में सुधार करके प्रतिस्पर्धात्मकता की प्राप्ति में उद्योगों को न केवल देश में अपितु अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी सहायता करेगी। यह नीति गुणवत्ता जागरुकता की भावना के अंतर्निवेशन और पर्यावरणीय मानकों की सुरक्षा के प्रति राज्य के उद्योगों में संवेदनशीलता पर भी लक्षित होनी चाहिए।
रणनीति
उपरोक्त उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए, गुजरात सरकार ने निम्नलिखित विस्तृत रणनीतिक पहल करने का निर्णय किया है:
- गुजरात और इसके उत्पादों के लिए एक वैश्विक ब्रांड छवि का सृजन और पोषण करना।
- अच्छी शासन व्यवस्था
क. रोज़गार सृजन और उत्पादकता को सुनिश्चित करने के लिए औद्योगिक निवेश की सुगमता हेतु श्रम सुधार।
ख. औद्योगिक और नगरीय संरचनाओं का उन्नयन।
ग. विद्युत सुधार।
घ. पत्तन चालित विकास और विशेश आर्थिक क्षेत्रों की स्थापना।
- गुजरात की सुदृढ़ता पर ध्यान लगाना - विनिर्माण।
- नवाचार, प्रौद्योगिकी उन्नयन और मूल्य संवर्धन की दिशा में ठोस प्रयास।
- सुदृढ़ विनिर्माण आधार के लगभग सेवा क्षेत्र का विकास।
- निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता।
- नीति पहलों के लिए परामर्शी अभिगम (प्रथम चरण) और क्षेत्र-विशिष्ट रणनीतिक अभिगम (द्वितीय चरण)।
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