विपणन विकास और संवर्धन
किसी भी व्यावसायिक निकाय की सफलता के लिए, विपणन एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक गतिविधि है और इसीलिए इसे एक पूर्वापेक्षा का दर्जा दिया जा सकता है। आज जबकि पूरी दुनिया में निषेधों और व्यापार बाधाओं को तेज़ी से हटाया जा रहा है, क्रेताओं और विक्रेताओं के मध्य प्रभावी संचार का महत्व नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। गुजरात सरकार अपनी नीतिगत पहलों को वैश्विक वास्तविकताओं के अनुकूल बनाने में विश्वास रखती है। इस प्रकार, देश में और देश के बाहर क्रेता/उपभोक्ता समुदाय के साथ लाभदायक व्यावसायिक संबंध बनाने में उद्योगों को सक्षम बनाने हेतु विभिन्न योजनाएं तैयार की गई हैं।
विपणन विकास योजनाएं
जबरदस्त प्रतिस्पर्धा के वर्तमान समय में, बाज़ार में अपने उत्पादों के संवर्धन के लिए उद्योगों को सभी संभावनाओं को खोजना होगा जिनमें निर्यात बाज़ार भी सम्मिलित हैं। सरकार अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में पहुंचने के लिए लघु और मध्यम उद्यमों की कठिनाइयों को समझती है क्योंकि इसके लिए विदेशों में व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में भाग लेने की आवश्यकता होती है जोकि एक खर्चीला काम है। इसलिए सरकार ने इस मामले को सुलझाने के लिए निम्नानुसार बहुआयामी नीति अपनाने का निर्णय किया है:
सामान्य ब्रांडिंग और विपणन निधि
विशिष्ट क्लस्टरों द्वारा निर्मित उत्पादों के संवर्धन के लिए, सरकार एक सामान्य ब्रांडिंग और विपणन निधि का सृजन करेगी जिसके अंतर्गत क्लस्टरों द्वारा निर्मित सभी उत्पादों का एक सामान्य ब्रांड नाम के अंतर्गत संवर्धन और विपणन किया जाएगा। ब्रांड नाम के संवर्धन के लिए, सरकार निर्धारित अनुपात में समान आधार पर क्लस्टरों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। यद्यपि, उत्पाद के ब्रांड/विपणन के संवर्धन के लिए यह सहायता एक बार ही प्रदान की जाएगी। क्लस्टर संघों को गुणवत्ता विशेषताओं की पूर्ति के लिए सदस्य इकाइयों के लिए स्पष्ट अनुशासनात्मक दिशानिर्देश तैयार करने होंगे। इस उद्देश्य के लिए, सदस्य इकाइयां मान्यताप्राप्त एजेंसियों से स्व-प्रमाणन की व्यवस्था करेंगी जिससे अंतत: ब्रांड छवि बनेगी। यह योजना क्लस्टर विकास कार्यक्रम के एक भाग के रूप में चलाई जाएगी।
राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण वस्तुओं के उत्पादक राज्य के रूप में गुजरात की छवि बनाने के पक्ष को भी अत्यधिक महत्वपूर्ण मानती है। इस उद्देश्य के लिए प्रयोग के आधार पर प्रारंभ में 10 उत्पादों को चुना जाएगा और इस योजना के अंतर्गत उन क्लस्टरों/वैयक्तिक निर्माताओं को निधियां प्रदान की जाएंगी जो अपने उत्पादों का संवर्धन गुजरात में निर्मित के रूप में करेंगे। निर्माताओं को बाज़ार की आवश्यकतानुसार गुणवत्ता मानदंडों का कड़ाई से पालन करना होगा। सरकार भी समय-समय पर गुणवत्ता की दृष्टि से उत्पादों के परीक्षण की व्यवस्था करेगी ओर उत्पादों की गुणवत्ता को घटिया पाए जाने पर उनके निर्माताओं से सख्ती से निपटा जाएगा।
गुजरात के उत्पादों के लिए आभासी प्रदर्शन पोर्टलों का विकास
iNDEXTbने हाल ही में दुनिया भर के खरीदारों और गुजरात के विक्रेताओं के मध्य सीमा और बाधारहित व्यापार की सुविधा के लिए एक आभासी प्रदर्शनी पोर्टल (www.gujexim.com) का विकास और प्रारंभ किया है। इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय व्यापारियों को विश्व भर में फैले उनके ग्राहकों, व्यापारिक साझेदारों, सहयोगियों और अन्य प्रयोक्ताओं के साथ संचार को सुगम बनाना है। ये पोर्टल ब्रांड संवर्धन, उत्पाद कैटेलॉग तैयार करने, विधिक सेवाएं, क्रय/विक्रय आदान-प्रदान आदि जैसी विभिन्न प्रकार की ऑनलाइन सेवाएं प्रदान करते हैं। यह पोर्टल एक व्यापारी को ऑनलाइन बिज़नेस प्रेजेंटेशन तैयार करने में भी सक्षम बनाता है। अगस्त 2003 में प्रारंभ किए गए इस पोर्टल को देखने वालों और व्यापारिक पूछताछों की संख्या के संदर्भ में शानदार प्रतिक्रिया मिली है।
उत्पाद-देश मैट्रिक्स का विकास करना
इसलिए सरकार ने वैश्विक संदर्भ में राज्य में व्याप्त रणनीतिक तुलनात्मक अग्रताओं के दृष्टिगत विशिष्ट क्षेत्रों पर तत्काल ध्यान केंद्रित करने का निर्णय किया है। इस उद्देश्य के लिए, सरकार एक अभियान प्रणाली अभिगम (मिशन मोड एप्रोच) को आत्मसात करने का प्रस्ताव करती है।
गुजरात पवेलियन में अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में सहभागिता
सरकार अपनी एजेंसियों के माध्यम से कुछ प्रसिद्ध उत्पाद-विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में स्थान आरक्षित करेगी और बदले में गुजरात के लघु और मध्यम क्षेत्रों के उद्योगों को गुजरात पवेलियन में रियायती किराए पर स्थान उपलब्ध कराएगी। इससे वे लागत-प्रभावी तरीके से अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचने में सक्षम हो जाएंगे। इससे उद्योगों को अन्य देशों में अपने-अपने क्षेत्रों में विकास के प्रदर्शन के अवसर भी प्राप्त होंगे।
विदेशी प्रदर्शनियों में सहभागिता
अन्य व्यापार मेलों में सहभागिता के लिए सरकार, भारत सरकार द्वारा सहायता की तर्ज़ पर नकद सब्सिडी प्रदान करेगी।
उत्पाद नमूनों को विदेशों में भेजने के लिए सहायता
सरकार संभावित खरीदारों के अनुमोदन के लिए विदेशों में उत्पाद नमूने भेजने के लिए अधिकतम 50,000 रुपए प्रतिवर्ष की नकद सहायता भी प्रदान करेगी।
विदेशी सम्मेलनों में सहभागिता
सरकार लघु और मध्यम औद्योगिक इकाइयों में स्थाई पणधारी स्वामियों/निदेशकों को विदेशों में उनके संबंधित तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों और सम्मेलनों में भाग लेने के लिए सहायता भी प्रदान करेगी जो प्रौद्योगिकी उन्नयन अथवा गुणवत्ता सुधार में उनकी सहायता करेगा। यह सहायता दो माह की अवधि के लिए अधिकतम 50,000 रुपए की सीमा के अध्यधीन, सहभागिता शुल्क की लागत के 50 प्रतिशत की दर पर दी जाएगी। यह सहायता यद्यपि एक मान्यताप्राप्त विदेशी विश्वविद्यालय/संस्थान के कार्यक्रम में सहभागिता के लिए दी जाएगी। यह सब्सिडी स्वामी द्वारा प्रशिक्षण को संतोषजनक रूप में पूरा करने अथवा सम्मेलन/कार्यक्रम में सहभागिता का साक्ष्य प्रस्तुत करने के बाद संवितरित की जाएगी।
स्थाई प्रदर्शनी-सह-सम्मेलन केंद्रों की स्थापना
सरकार प्रमुख नगरों में स्थाई प्रदर्शनी-सह-सम्मेलन केंद्रों की स्थापना में भी सहायता करेगी। इस उद्देश्य के लिए सरकार रियायती मूल्य पर भूमि प्रदान करेगी।
पेटेंट पंजीकरण
राज्य में बहुत थोड़े से उद्यमी श्रेष्ठता से नए उत्पादों अथवा डिज़ाइनों का विकास कर रहे हैं, किंतु उनके हितों की रक्षा नहीं हो रही है जिसके परिणामस्वरूप वे उनके द्वारा विकसित उत्पाद अथवा डिज़ाइन पर अपने अधिकारों की रक्षा करने में असफल रहते हैं। लघु और मध्यम उद्यमों के मामले में यह विशेष रूप से सत्य है। ऐसी घटनाओं पर सरकार बहुत चिंतित है। विश्व व्यापार व्यवस्था प्रारंभ होने के बाद दवाओं के मामले में विशेष रूप से उत्पाद पंजीकरण की आवश्यकता है। इसलिए सरकार वर्तमान योजना के अंतर्गत ऐसी इकाइयों को पेटेंट पंजीकरण के लिए सहायता देना जारी रखेगी और उत्पाद पंजीकरण को शामिल करके इसके कार्यक्षेत्र को और विस्तृत किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत अधिकतम 5 लाख रुपए की सीमा के अध्यधीन, प्रति उत्पाद/प्रक्रिया प्रति संस्थान/व्यक्ति को किए गए व्यय के 50 प्रतिशत की दर पर एक बार नकद सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
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