राज्य
नीति

गुजरात

कराधान

कर सुधारों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता

राज्य सरकार कराधान व्यवस्था में सुधार करने के प्रति प्रतिबद्ध है और वास्तव में, सरकार ने इस दिशा में पहले ही एक कार्यसूची तैयार कर ली है। सही परिप्रेक्ष्य के लिए, सुधारों की कार्यसूची और उनके परिणामों का संक्षिप्त विवरण निम्नलिखित है:

  1. कर ढांचे में तर्कसंगतता, सरलीकरण, पारदर्शिता और अनुकूलन पर विशेष बल देते हुए कर सुधार।


  2. राज्य बिक्रीकर व्यवस्था के अंतर्गत निवेश कराधान में कमी।


  3. उपभोक्ता वस्तु करों के क्रमप्रपाती और बहुविधताओं को समाप्त करना।


  4. विगत छ: वर्षों के दौरान, यह सुनिश्चित करने के लिए सावधानीपूर्वक प्रयास किए गए हैं कि संसाधनों के संघटन के परिणामस्वरूप उद्योगों पर असहनीय भार न पड़े। उद्योगों पर कर के भार को यथासंभव कम किया गया है। इसके परिणामस्वरूप, अन्य राज्यों की उच्चतर दरों की तुलना में गुजरात में बिक्री कर की औसत दर अब 12 प्रतिशत है। 16 उपभोक्ता वस्तुओं पर रोक लगाते हुए, 3-4 प्रतिशत की निवेश कराधान दर की तुलना में गुजरात में निवेश कराधान 2 प्रतिशत है।


  5. उपरोक्त नीति पर आधारित अभिगम में सामंजस्य -

    • को स्थानीय व्यापार और उद्योग ने सराहा है,
    • ने अन्य बहुत से राज्यों में कर भार की अनिश्चितता की तुलना में कर व्यवस्था में निश्चितता प्रदान की है,
    • ने राज्य को राजस्व रूझानों को समझने में सक्षम बनाया है, और
    • के परिणामस्वरूप औद्योगिक क्षेत्र पर कराधान के सकल भार में कमी आई है।

  6. बिक्रीकर ढांचे में अब तक किए गए सुधार मूल्य वर्धित कर (वैट) के अनुसार और उसके अनुरूप हैं। बहुत से अन्य राज्यों ने ऐसे कदम उठाए हैं जो वैट के अनुसार नहीं हैं। गुजरात राज्य ने वैट को प्रारंभ करने के लिए आवश्यक प्रारंभिक कदम उठाए हैं।

1997-98 से बिक्रीकर सुधारों की विशेषताएं

  1. टर्नओवर कर के तत्व को बिक्रीकर की आधारभूत दर में सम्मिलित किया गया।


  2. बिक्रीकर (मुख्य) स्लैबों की संख्या को 17 से घटाकर 6 किया गया है।


  3. 1 मार्च, 2003 से अतिरिक्त कर (सरचार्ज) को समाप्त कर दिया गया है। इससे उद्योगों को अपने कर भार में 10 प्रतिशत कमी का लाभ हुआ है।


  4. निवेश कराधान और प्रतिबंधित सूची: अप्रैल 1987 से पहले, 73 वस्तुओं के संबंध में खरीद पर भुगतान किए गए कर की स्पष्टता उपलब्ध नहीं थी। इसके परिणामस्वरूप उद्योगों पर कर भार बढ़ गया। अप्रैल 2002 में प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची में ऐसी वस्तुओं की संख्या को घटाकर सोलह कर दिया गया है। इन 16 वस्तुओं में से चार वस्तुओं पर 4 प्रतिशत बिक्रीकर है जो अन्य अधिकांश राज्यों में क्रय-कर/निवेश कर की दर है। इन 16 वस्तुओं पर रोक लगाते हुए, अन्य वस्तुओं पर निवेश कराधान, अन्य राज्यों में निवेश कर की 4 प्रतिशत की औसत दर की तुलना में केवल 2 प्रतिशत है।

उपरोक्त अनुच्छेद 1 से 4 तक सूचीबद्ध सुधारों के परिणामस्वरूप उद्योगों और व्यापार पर बिक्रीकर के भार में 590 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष तक की कमी आई है।

प्रतिस्पर्धी कराधान वातावरण

गुजरात के उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कराधान के मामले में एक समतल मैदान प्रदान करना महत्वपूर्ण है। इसलिए सरकार आने वाले समय में संरचना को तर्कसंगत बनाकर कर-व्यवस्था में सुधार का प्रयास करेगी। इससे विनिर्माण के पैमाने के संवर्धन में सहायता मिलेगी जो अंतत: विनिर्माण कंपनियों में वैश्विक भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनियां बनने के लिए प्रौद्योगिकीय और विपणन क्षमताओं के विकास की ओर ले जाएगा।

स्टाम्प शुल्क

वाणिज्यिक लेनदेनों और औद्योगिक गतिविधियों पर अनुप्रयोज्य स्टाम्प शुल्क की यथामूल्य दरें रियायती आधार पर अधिकतम राशि के अध्यधीन हैं।

  1. औद्योगिक ऋणों के संबंध में, भुगतान योग्य अधिकतम स्टाम्प शुल्क केवल 2 लाख रुपए है, चाहे ऋण राशि कुछ भी हो।


  2. समामेलन और एकीकरण, प्रतिभूतिकरण, बंधक और भाराक्रांत आदि से संबंधित दस्तावेजों के मामले में, स्टाम्प शुल्क की अधिकतम राशि उपयुक्त ऊपरी सीमाओं के अध्यधीन है।