राज्य
नीति

मेघालय

नीति के उद्देश्य

देश में उदारीकृत आर्थिक परिदृश्य का लाभ उठाने और राष्ट्रीय औद्योगिक क्षेत्र में प्रगति से तालमेल बनाने की दृष्टि से, मेघालय सरकार ने एक नई औद्योगिक नीति बनाने का निर्णय किया है। इस नई नीति के निम्नलिखित उद्देश्य हैं:

  1. उद्योग और अनुषंगी क्षेत्रों में स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार अवसरों का सृजन करना।

  2. मानव संसाधन विकास और उन क्षेत्रों जिनमें राज्य को तुलनात्मक अग्रता प्राप्त है, में उद्योगों का संवर्धन करके जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना।

  3. ग्रामीण और लघु उद्योगों के संवर्धन के माध्यम से संपूर्ण राज्य को कवर करते हुए एक संतुलित और विकासोन्मुख विकास की प्राप्ति।

  4. आधारभूत संरचनात्मक सुविधाओं के सृजन और औद्योगिक क्षेत्रों, विकास केंद्र और निर्यात संवर्धन औद्योगिक पार्क की स्थापना द्वारा औद्योगिक विकास के लिए एक सुसंगत वातावरण सृजित करना।

  5. राज्य के संसाधन आधार का उपयोग करते हुए चयनित मध्यम और बड़े उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करना ओर उसके द्वारा जीवनक्षम औद्योगिक विकास को सुनिश्चित करना जो पारिस्थितिकीय अनिवार्यताओं के सुसंगत हो तथा इस प्रकार पर्यावरण के पुनर्सृजन के लिए सकारात्मक प्रयासों को प्रोत्साहित करना।

  6. बड़े, मध्यम और लघु उद्योगों की स्थापना में स्थानीय उद्यमियों को प्राथमिकता प्रदान करना।

  7. बाह्य निवेशकों के साथ संयुक्त उद्यमों के माध्यम से स्थानीय हितों का संवर्धन करना और उपयुक्त प्रोत्साहनों के एक पैकेज द्वारा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तथा पूंजी प्रवाह की सुविधा प्रदान करना।

  8. गहन प्रेरणा और जिले, उप-संभाग और ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय उद्यमिता कौशलों के आवश्यकता-आधारित विकास को प्रोत्साहित करना।

  9. परियोजना प्रोफाइलों और अन्य संबंधित सूचनाओं का एक डाटा बैंक बनाकर भावी उद्यमियों को मार्गदर्शन प्रदान करना।

  10. जिला स्तर पर लघु उद्योग क्षेत्र के लिए और राज्य स्तर पर मध्यम तथा बड़े उद्योगों के लिए एक एकल खिड़की स्वीकृति सुविधा प्रदान करके नियमों और प्रक्रियाओं को सरलीकृत करना।

  11. बड़े और मध्यम उद्योगों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अनुषंगी इकाइयों की स्थापना का संवर्धन करना।

  12. पुनर्जीवित किए जा सकने योग्य रुग्ण इकाइयों की पहचान करना और उनके पुनर्जीवन के लिए एक समेकित सहायता पैकेज प्रदान करना।

  13. राज्य में परिवहन समस्याओं को देखते हुए उच्च मूल्य और न्यून परिमाण वाले उत्पादों को संवर्धन और प्रोत्साहन प्रदान करना।

  14. संवेगी क्षेत्र के रूप में निर्यातोन्मुख, कृषि आधारित, खनिज आधारित, बागवानी आधारित और इलैक्ट्रॉनिक इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करना।

औद्योगिक नीति, 1997 की प्रमुख विशेषताएं

औद्योगिक संवर्धन नीति की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

    क. राज्य सरकार विशेष रूप से संयुक्त क्षेत्र में उन्नत प्रौद्योगिकी और बाह्य निवेशों के लाभ का स्वागत करती है जो इस क्षेत्र के आर्थिक विकास का संवर्धन करेंगे।

    ख. राज्य सरकार सामाजिक न्याय और संतुलित विकास के संवर्धन के लिए सार्वजनिक क्षेत्र को एक महत्वपूर्ण एजेंसी के रूप में मानती है। यद्यपि, भारत सरकार की नीतियों में हो रहे परिवर्तनों के परिप्रेक्ष्य में, बढ़ती बेरोज़गारी और बजटीय संसाधनों पर बोझ को समाप्त करने के लिए, राज्य सरकार राज्य में तीव्र औद्योगीकरण और विकास के लिए निजी क्षेत्र के निवेश का स्वागत करती है। इस मार्ग पर औद्योगीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए, सरकार आवश्यक होने पर आवश्यकता-आधारित बजटीय सहायता प्रदान करेगी।

    ग. सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के साथ-साथ, सरकार आर्थिक गतिविधियों के व्यापक क्षेत्रों में आवश्यक संसाधनों और विशेषज्ञता के संचालन सहित तीव्र औद्योगीकरण के लिए प्रभावी उपाय के रूप में संयुक्त और सहायता-प्राप्त क्षेत्रों पर भी दृष्टि रखेगी।

    घ. राज्य सरकार का मानना है कि उद्योगों के तीव्र विकास के‍ लिए औद्योगिक संरचनाओं में सुधार और उनका उन्नयन अनिवार्य है। सड़कों में सुधार, हवाई अड्डों का निर्माण और उन्नयन, रोपवेज़ का निर्माण, दूरसंचार और विद्युत आपूर्ति में सुधार तथा निर्यात संवर्धन औद्योगिक पार्क और सभी सुविधाओं से युक्त विकास केंद्रों पर बल दिया जाएगा।

    ङ. औद्योगिक क्षेत्र में निवेश को सुविधाजनक बनाने के लिए राज्य सरकार मेघालय भूमि स्थानांतरण अधिनियम के अंतर्गत उपयुक्त अनुमोदन में तीव्रता लाएगी।

    च. रुग्ण/बंद औद्योगिक इकाइयों के मामले में, राज्य सरकार ऐसी इकाइयों के भविष्य के संबंध में एक विशिष्ट समय-सीमा के अंतर्गत एक दृष्टिकोण बनाने के लिए उपचारात्मक अध्ययन संचालित करने हेतु सहायता प्रदान करेगी।

    छ. राज्य सरकार ने निवेश प्रस्तावों के संबंध में समयबद्ध निर्णयों और स्वीकृतियां प्रदान करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक एकल खिड़की एजेंसी की स्थापना की है। सरकार उद्योगों की प्रभावी स्थापना के लिए तत्काल निर्णय करने को सुनिश्चित करने हेतु उपायुक्तों की अध्यक्षता में संबंधित जिलों के लिए ऐसी ही जिला स्तरीय समितियों का भी गठन करेगी।

    ज. राज्य सरकार ने निर्णय किया है कि मेघालय औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) उपयुक्त शर्तों और निबंधनों के अंतर्गत बड़े और मध्यम उद्योगों के लिए अनुरक्षी सेवाएं प्रदान करेगा।

    झ. कौशलों के उन्नयन के माध्यम से मानव संसाधन विकास के लिए, प्रशिक्षण संस्थानों पर पूरा ध्यान दिया जाएगा। इस महत्वपूर्ण गतिविधि में निजी क्षेत्र के संघों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

    ञ. सरकार उन्नत प्रौद्योगिकियों के बारे में ज्ञान प्राप्त करने के साथ-साथ उनमें प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए भी भावी अथवा पात्र उद्यमियों को उपयुक्त सहायता प्रदान करेगी।