राज्य
नीति

मेघालय

सब्सिडी और प्रोत्साहन

मेघालय सरकार "मेघालय प्रोत्साहन योजना 1997" के अंतर्गत मेघालय में लघु उद्योगों सहित मध्यम और बड़ी श्रेणी के उद्योगों को सब्सिडी, प्रोत्साहनों और सहायता का एक पैकेज प्रदान करेगी।

इसके अलावा, इस नीति के अनुबंध में परिभाषित अनुसार एक "पर्यटन इकाई" भी उपरोक्त सब्सिडी, प्रोत्साहन और सहायता पैकेज के लिए पात्र होगी।

  1. पात्रता हेतु मानदंड

    • 1.1 वैधता अवधि

      प्रोत्साहनों का नया पैकेज, जिसे इसके बाद "मेघालय प्रोत्साहन योजना 1997" कहा गया है, पंद्रह अगस्त 1997 से 5 (पांच) वर्षों अथवा जब तक सरकार उचित समझे, की अवधि तक कार्यान्वयन में रहेगा। सरकार ने समय-समय पर योजना में संशोधन करने का अधिकार भी सुरक्षित रखा है। यद्यपि, ऐसी स्थिति में, एक उपयुक्त नोटिस दिया जाएगा और ऐसे संशोधनों द्वारा पहले की गई अंतिम प्रतिबद्धताएं भी प्रभावित नहीं होंगी।

      1.2 प्रभावी तिथि

      मेघालय प्रोत्साहन योजना 1997 की प्रभावी तिथि पंद्रह अगस्त 1997 है और जब तक इसके बाद विशिष्ट रूप से न कहा गया हो, इस तिथि से मेघालय प्रोत्साहन योजना पैकेज 1988 और अन्य संबंधित औद्योगिक नीति संकल्पों का संचालन बंद हो जाएगा।

      वे औद्योगिक इकाइयां जिन्हें मेघालय प्रोत्साहन योजना पैकेज 1988 के अंतर्गत सरकार द्वारा वचनबद्धता दी गई है, वचनबद्धता की अवधि में कथित योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन प्राप्त करती रहेंगी।
      मेघालय प्रोत्साहन योजना पैकेज 1988 में सम्मिलित की गई इकाइयों जो मेघालय प्रोत्साहन योजना 1997 की प्रभावी तिथि के बाद अंतिम प्रभावी कदमों को पूरा कर रही हैं, को मेघालय प्रोत्साहन योजना 1997 के अंतर्गत कवर किया जाएगा।

      1.3 मेघालय प्रोत्साहन योजना, 1997 के अंतर्गत प्रोत्साहन उक्त योजना के अंतर्गत निजी क्षेत्र, सहायता-प्राप्त क्षेत्र, संयुक्त क्षेत्र, राज्य सार्वजनिक क्षेत्र और सहकारी क्षेत्र की पात्र इकाइयों को प्रोत्साहन उपलब्ध होंगे।

  2. पात्र इकाई

    • 2.1 पंद्रह अगस्त, 1997 को अथवा उसके बाद स्थापित केवल नई इकाइयां और विस्तार, आधुनिकीकरण और विविधिकरण कर रहीं मेघालय राज्य की विद्यमान इकाइयां ही मेघालय प्रोत्साहन योजना, 1997 के अंतर्गत प्रोत्साहनों के लिए पात्र होंगी, बशर्ते कि:

        क. एक इकाई स्थानीय जनजातीय लोगों को निम्नलिखित संख्या से कम रोज़गार न दे -

        1. प्रारंभिक स्तर पर गैर-प्रबंधकीय संवर्ग में साठ प्रतिशत

        2. प्रबंधकीय संवर्ग में, गैर-तकनीकी पदों पर स्थानीय जनजातीय लोगों को साठ प्रतिशत रोज़गार और तकनीकी/पर्यवेक्षीय/ कुशल श्रेणियों में पचास प्रतिशत। इसके अलावा, इकाई यह वचन देगी कि यदि इकाई इन शर्तों का उल्लंघन करती है तो राज्य सरकार उसके द्वारा प्राप्त की गई सब्सिडी/प्रोत्साहनों को पूर्णत: वापस ले लेगी।

        ख. अपवादस्वरूप मामलों में, जहां एक इकाई एकल खिड़की एजेंसी की संतुष्टि तक यह सिद्ध कर सके कि वांछित कुशलता और विशेषज्ञता वाले व्यक्ति स्थानीय रूप से उपलब्ध नहीं हैं, तो उपरोक्त शर्त में एक विशिष्ट अवधि के लिए छूट दी जाएगी।>

      2.2 अपात्र इकाई

        क. सभी प्रकार की आरा मिलें ओर वीनीर मिलें

        ख. आटा चक्की/चावल मिलें

        ग. वन आधारित उद्योग जिन्हें सरकार का अनुमोदन प्राप्त नहीं है

        घ. यदि इकाई का पंजीकृत कार्यालय मेघालय राज्य में नहीं है, तो वह पात्र नहीं होगी, परंतु उपयुक्त परिस्थितियों में एकल खिड़की एजेंसी उपरोक्त शर्त (ख) में उपयुक्त छूट दे सकती है।

      2.3 केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों को मेघालय प्रोत्साहन योजना 1997 के अंतर्गत प्रोत्साहनों के लिए पात्र नहीं माना जाएगा।

  3. परिभाषा

    • 3.1 नई इकाई: एक औद्योगिक अथवा पर्यटन इकाई जिसने पंद्रह अगस्त 1997 को अथवा उसके बाद सभी प्रारंभिक प्रभावी कदम उठा लिए हैं, को एक नई इकाई माना जाएगा।

      3.2 विद्यमान इकाई: एक इकाई जो पंद्रह अगस्त, 1997 से पहले किसी भी समय वाणिज्यिक उत्पादन में है अथवा थी, को मेघालय प्रोत्साहन योजना, 1997 के उद्देश्य के लिए विद्यमान इकाई माना जाएगा।

      3.3 प्रभावी कदम: परियोजना के कार्यान्वयन के लिए प्रभावी कदमों में प्रारंभिक प्रभावी कदम और अंतिम प्रभावी कदम सम्मिलित होंगे।

      1. निम्नलिखित की प्राप्ति पर यह माना जाएगा कि इकाई ने प्रारंभिक प्रभावी कदम पूरे कर लिए हैं:

        • क. भूमि का प्रभावी कब्जा

          ख. उपयुक्त प्राधिकरण के साथ फर्म अथवा कंपनी अथवा सोसायटी अथवा ट्रस्ट का पंजीकरण

          ग. उपयुक्त प्राधिकरण के साथ अनंतिम पंजीकरण

          घ. परियोजना रिपोर्ट की तैयारी

          ङ. विद्युत कनेक्शन की स्वीकृति

          च. सावधि ऋण की स्वीकृति सहित परियोजना के लिए वित्तीय साधनों का समायोजन, किंतु पर्यटन इकाई के मामले में पर्यटन निदेशालय पंजीकरण प्राधिकरण होगा।u

      2. निम्नलिखित की प्राप्ति पर यह माना जाएगा कि इकाई ने अंतिम प्रभावी कदम पूरे कर लिए हैं:

        • क. सावधि ऋण का पूर्णत: संवितरण

          ख. उपयुक्त प्राधिकरणों से सभी संबंधित अनुमोदनों ओर स्वीकृतियों की प्राप्ति

          ग. विद्युत कनेक्शन

          घ. जहां लागू हो, कच्चे माल का आवंटन

          ङ. कार्यशील पूंजी की स्वीकृति

          च. संयंत्र का प्रारंभ होना

          छ. स्थानीय रोज़गार प्रमाणपत्र की प्राप्ति

        परंतु एक पर्यटन इकाई के मामले में, उपरोक्त कदम (च) लागू नहीं होगा और इसे "उन सेवाओं को प्रदान करने के लिए तैयार जिनके लिए इकाई की स्थापना हुई है" से स्थान्नापित किया जाएगा।

      3.4 योजना के अंतर्ग तब तक प्रोत्साहनों के लिए दावा नहीं किया जा सकता, जब तक कि संबंधित कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा योजना के अंतर्गत पात्रता प्रमाणपत्र जारी नहीं कर दिया जाता और इकाई पात्रता की शर्तों को पूरा नहीं कर देती।

      3.5 पात्रता प्रमाणपत्र: वह प्रमाणपत्र है जो कार्यान्वयन एजेंसी जो लघु उद्योगों के लिए उद्योग निदेशालय और बड़ी तथा मध्यम इकाइयों के लिए मेघालय औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड है, द्वारा जारी किया जाएगा। यह प्रमाणपत्र यह सुनिश्चित करने के बाद जारी किया जाएगा कि पात्रता के लिए सभी मानदंड पूरे कर दिए गए हैं।

        क. स्थानीय रोज़गार प्रमाणपत्र भी जहां आवश्यक है, संबंधित कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा जारी किया जाएगा।

        ख. प्रारंभिक प्रभावी कदमों के पूरा होने से इकाई अनंतिम पात्रता प्रमाणपत्र जारी करने के योग्य हो जाएगी जिसके आधार पर संभाव्यता अध्ययन लागत के लिए सब्सिडी सहित विकास सब्सिडी स्वीकृत और संवितरित की जा सकती है।

        ग. अंतिम पात्रता प्रमाणपत्र जारी करने और योजना के अंतर्गत शेष प्रोत्साहनों के संवितरण के लिए अंतिम प्रभावी कदमों का पूरा होना आवश्यक है।

        घ. मेघालय बिक्रीकर से मुक्ति/छूट के लाभों के लिए, मेघालय बिक्रीकर अधिनियम ओर नियमों के अनुसार राज्य बिक्रीकर प्राधिकरण से एक पृथक पात्रता प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा।

      परंतु एक पर्यटन इकाई के मामले में, कार्यान्वयन एजेंसी पर्यटन निदेशालय होगा और सभी सब्सिडी, प्रोत्साहनों और सहायता का संवितरण मेघालय औद्योगिक विकास निगम द्वारा किया जाएगा।

      3.6 स्थाई पूंजी निवेश: से तात्पर्य योजना के अंतर्गत निर्धारित अन्य शर्तों के अध्यधीन, पंद्रह अगस्त 1997 को अथवा उसके बाद पात्र इकाई की अनुमोदित परियोजना की भूमि, भवनों और संयंत्रों में किए गए निवेश से है।

      3.7 शत-प्रतिशत निर्यातोन्मुख इकाई वह इकाई है जो वाणिज्य मंत्रालय, भारत सरकार की निर्यातोन्मुख इकाई योजना के अंतर्गत अनुमोदित है।