राज्य
नीति

मेघालय

प्रोत्साहन योजना पैकेज 1997

लघु उद्योग

  1. राज्य पूंजीगत निवेश सब्सिडी

    1. अति लघु और लघु उद्योग इकाइयों को भूमि, भवन, संयंत्र और मशीनरी की लागत पर, 3.5 लाख रुपए की सीमा के अध्यधीन, स्थाई पूंजी के पंद्रह प्रतिशत की दर पर राज्य पूंजीगत निवेश सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

    2. केंद्रीय सरकार द्वारा दी जा रही ऐसी ही सब्सिडी उपरोक्तानुसार राज्य सरकार की सब्सिडी के समान न होकर अधिक होने की स्थिति में, राज्य सरकार की सब्सिडी को दोनों सब्सिडियों के अंतर तक सीमित कर दिया जाएगा।
    3. अपने सकल टर्नओवर के पच्चीस प्रतिशत से अधिक निर्यात प्रतिबद्धता वाली कोई भी इकाई, 5 लाख रुपए की सकल सीमा के अध्यधीन, पांच प्रतिशत अतिरिक्त निवेश सब्सिडी के लिए पात्र होगी।

  2. विकास सब्सिडी

    • 2.1 विकास सब्सिडी निम्नलिखित सूचीबद्ध मदों पर वास्तविक व्यय के लिए 1.5 लाख रुपए की सीमा के अध्यधीन उपरोक्त अनुच्छेद 1.1 में परिभाषितानुसार स्थाई पूंजीगत निवेश के दस प्रतिशत की दर पर प्रदान की जाएगी:

      1. किसी अनुमति अथवा पंजीकरण के लिए साविधिक निकायों को भुगतान किए गए प्रभार।

      2. प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों आदि की लागत।
      3. एक सुस्थापित और अनुमोदन-प्राप्त अनुसंधान एवं विकास संगठन से जानकारी प्राप्त करने के लिए भुगतान किए गए शुल्कों (आवर्ती रॉयल्टी के अलावा) का पचास प्रतिशत।

      2.2 इस विकास सब्सिडी की प्रतिपूर्ति इकाई द्वारा वास्तविक व्यय करने के बाद ही की जाएगी।

      संभाव्यता अध्ययन और परियोजना रिपोर्टों की लागत पर सब्सिडी

      अधिकतम 25,000 रुपए की सीमा के अध्यधीन, संभाव्यता/परियोजना रिपोर्टों को तैयार करने पर आई लागत की पूर्ति के लिए शत-प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी बशर्ते कि रिपोर्ट एक सरकारी अनुमोदन-प्राप्त एजेंसी द्वारा तैयार की जाए।

  3. ब्याज सब्सिडी

    • 3.1 अनुमोदित औद्योगिक इकाई की स्थापना के लिए एक उद्यमी द्वारा लिए गए सावधि ऋण (कार्यशील पूंजी ऋणों के अलावा) पर बैंकों/वित्तीय संस्थानों को ब्याज के भुगतान पर चार प्रतिशत की दर से सब्सिडी प्रदान की जाएगी जो ऋण के संवितरण की तिथि से 5 (पांच) वर्षों के लिए और अधिकतम 10,000 रुपए प्रतिमाह होगी।

      3.2 यह सबिसडी किए गए वास्तविक भुगतान की प्रतिपूर्ति के रूप में होगी।

  4. स्थानीय रोज़गार संवर्धन अनुदान

    • 4.1 सरकार पात्रता मानदंडों (अनुच्छेद घ.2.1(क)) में वर्णित औद्योगिक नीति में स्थानीय जनजातीय कर्मचारियों की निर्धारित संख्या से अधिक स्थानीय जनजातीय कर्मचारियों के वास्तविक वेतन बिल के तीस प्रतिशत तक वार्षिक प्रतिपूर्ति करेगी।

        घ.2.1 यह अनुदान ऐसे कर्मचारियों की नियुक्ति की तिथि से तीन वर्षों की अवधि के लिए होगा और केवल उन्हीं इकाइयों को दिया जाएगा जहां संयंत्र और मशीनरी में निवेश 5 लाख रुपए से अधिक है अथवा निर्माण क्षेत्र में लगे कर्मचारियों की संख्या 20 (बीस) से अधिक है। यह अनुदान 50,000 रुपए वार्षिक की सीमा के अध्यधीन भी होगा।

      4.2 स्थानीय जनजातीय कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर आई लागत के पचास प्रतिशत की प्रतिपूर्ति निम्नलिखित के अध्यधीन की जाएगी:

        क.  ऐसे प्रशिक्षित व्यक्तियों को इकाई में समायोजित कर लिया गया हो और ऐसा न करने पर इकाई को सब्सिडी की राशि लौटानी होगी।

        ख.  राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित संस्थान में प्रशिक्षण दिया गया हो।

  5. विद्युत सब्सिडी

    • 5.1 विद्युत शुल्कों पर 2 मेगावॉट और 2 मेगावॉट से अधिक लोड पर क्रमश: तीस प्रतिशत और पच्चीस प्रतिशत की दर पर सब्सिडी दी जाएगी जो वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ होने की तिथि से 5 (पांच) वर्षों की अवधि के लिए होगी। यह सब्सिडी अधिकतम दो लाख रुपए प्रतिवर्ष तक सीमित होगी। यह सब्सिडी वांछित विवरणों और डायाग्रामों के अनुसार निर्माण प्रक्रिया के लिए वास्तविक विद्युत उपभोग के आधार पर प्रदान की जाएगी।

      5.2 गैर-विद्युतीकृत ग्रामीण क्षेत्रों में लघु उद्योग इकाइयों को प्रति इकाई 50,000 रुपए की सीमा के अध्यधीन, गैर-परंपरागत ऊर्जा जेनरेटिंग सैटों सहित जेनेरेटिंग सैटों की लागत के पचास प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाएगी बशर्ते कि इकाई मेघालय राज्य विद्युत बोर्ड से इस आशय का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करे।

      5.3 यदि कोई परियोजना ऐसे क्षेत्र में स्थित है जहां 1 केवी और अधिक की विद्युत लाइन खींचने की आवश्यकता है तो सरकार एक लाख रुपए की अधिकतम सीमा के अध्यधीन, ट्रांस्फार्मरों, यदि कोई है, की लागत सहित ऐसी विद्युत लाइन खींचने पर आई लागत की प्रतिपूर्ति करेगी बशर्ते कि वह स्थान सरकार द्वारा अनुमोदित हो।

      5.4 प्रत्येक औद्योगिक इकाई के लिए 20,000 रुपए की अधिकतम सीमा के अध्यधीन, सर्विस कनेक्शन पर आई लागत के पचास प्रतिशत की प्रतिपूर्ति की जाएगी।

  6. गुणवत्ता नियंत्रण उपायों की लागत पर सब्सिडी

    • 6.1 गुणवत्ता नियंत्रण और आईएसआई प्रमाणन के उद्देश्य के लिए, प्रति इकाई 10,000 रुपए की अधिकतम सीमा के अध्यधीन, प्रयोगशाला उपकरणों की लागत की उन मामलों में प्रतिपूर्ति की जाएगी जहां वे परियोजना लागत का भाग नहीं हैं।

      6.2 अपने टर्नओवर के मूल्य का न्यूनतम पचास प्रतिशत निर्यात करने की प्रतिबद्धता दर्शाने वालीं निर्यातोन्मुख इकाइयां ऐसे गुणवत्ता उपायों के लिए 1,00,000 रुपए की अतिरिक्त प्रतिपूर्ति की पात्र होंगी।

  7. बिक्रीकर छूट

    वाणिज्यिक उत्पादन की तिथि से 9 वर्षों की अवधि के लिए तैयार उत्पादों की बिक्री पर मेघालय बिक्रीकर से छूट दी जाएगी।

  8. मेघालय वित्त कर की निम्न दर

    राज्य में स्थानीय निर्माताओं को प्रोत्साहित करने के लिए, मेघालय वित्त कर को केंद्रीय बिक्रीकर की दर के समकक्ष लाते हुए 12 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत कर दिया जाएगा ताकि ऐसे निर्माता राज्य के बाहर से आने वाले उत्पादों से प्रतिस्पर्धा कर सकें। कर में यह कमी केवल ऐसी चयनित मदों तक सीमित होगी जिनका निर्माण राज्य के भीतर स्थानीय रूप से किया जा रहा है या किए जाने की संभावना है और जो सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित की जाती हैं।

  9. अतिरिक्त बिक्रीकर प्रोत्साहन

    • 9.1 एक अनुमोदित परियोजना को राज्य पूंजीगत निवेश सब्सिडी के साथ-साथ, 4 वर्षों की अतिरिक्त अवधि के लिए बिक्रीकर छूट प्रदान की जा सकती है किंतु यह छूट अन्यथा पात्र होने पर पूंजीगत निवेश सब्सिडी की राशि तक सीमित होगी। यह अतिरिक्त सहायता प्रतिपूर्ति के रूप में होगी।

      9.2 अनुमोदित शत-प्रतिशत निर्यातोन्मुख इकाइयां उपरोक्त अनुच्छेद 8 और 10.1 में उल्लिखित पात्रता अवधि से 1 (एक) और अधिक वर्ष तक अतिरिक्त बिक्रीकर छूट प्राप्त करने की पात्र होंगी।

  10. मूल्य वरीयता

    सभी पात्र इकाइयों को विद्यमान मेघालय वरीय सामान खरीद नियम, 1978 के अनुसार मूल्य वरीयता प्रदान की जाएगी।

  11. स्टाम्प शुल्क से छूट

    बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से वित्तीय सहायता हेतु विलेखों के निष्पादन में सहायता के लिए उद्यमी को लघु/अति लघु इकाइयों के लिए अनुप्रयोज्य स्टाम्प शुल्क के पचहत्तर प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी।

बड़े और मध्यम उद्योग

  1. राज्य पूंजीगत निवेश सब्सिडी

    • 1.1 अधिकतम 20 लाख रुपए की सीमा के अध्यधीन, स्थाई पूंजीगत निवेश के तीस प्रतिशत की दर पर राज्य पूंजीगत निवेश सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

  2. संभाव्यता अध्ययन और परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की लागत हेतु सब्सिडी

    अधिकतम 2 लाख रुपए की सीमा के अध्यधीन, संभाव्यता/परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की लागत के नब्बे प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाएगी बशर्ते कि रिपोर्ट सरकारी मान्यताप्राप्त एजेंसी द्वारा तैयार की गई हो।

  3. ब्याज सब्सिडी

    • 3.1 अनुमोदित औद्योगिक इकाई की स्थापना के लिए एक उद्यमी द्वारा लिए गए सावधि ऋण (कार्यशील पूंजी ऋणों के अलावा) पर बैंकों/वित्तीय संस्थानों को ब्याज के भुगतान पर चार प्रतिशत की दर से सब्सिडी प्रदान की जाएगी जो ऋण के संवितरण की तिथि से 3 वर्षों के लिए और अधिकतम 20,000 रुपए प्रतिमाह होगी।

      3.2 यह सब्सिडी किए गए वास्तविक भुगतान की प्रतिपूर्ति के रूप में होगी।

  4. स्थानीय रोज़गार संवर्धन अनुदान

    • 4.1 सरकार पात्रता मानदंडों में वर्णित औद्योगिक नीति में स्थानीय जनजातीय कर्मचारियों की निर्धारित संख्या से अधिक स्थानीय जनजातीय कर्मचारियों के वास्तविक वेतन बिल के तीस प्रतिशत तक वार्षिक प्रतिपूर्ति करेगी। यह अनुदान नियुक्ति की तिथि से तीन वर्षों के लिए होगा। इस सब्सिडी की अधिकतम सीमा एक लाख रुपए प्रतिवर्ष होगी।

      4.2 स्थानीय जनजातीय कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर आई लागत के बीस प्रतिशत की प्रतिपूर्ति निम्नलिखित के अध्यधीन की जाएगी:

        क. ऐसे प्रशिक्षित व्यक्तियों को इकाई में समायोजित कर लिया गया हो और ऐसा न करने पर इकाई को सब्सिडी की राशि लौटानी होगी।

        ख. राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित संस्थान में प्रशिक्षण दिया गया हो।

  5. विद्युत सब्सिडी

    • 5.1 विद्युत शुल्कों पर 2 मेगावॉट और 2 मेगावॉट से अधिक लोड पर क्रमश: तीस प्रतिशत और पच्चीस प्रतिशत की दर पर सब्सिडी दी जाएगी जो वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ होने की तिथि से पांच वर्षों की अवधि के लिए होगी। यह सब्सिडी अधिकतम 7 लाख रुपए प्रतिवर्ष तक सीमित होगी। यह सब्सिडी वांछित विवरणों और डायाग्रामों के अनुसार निर्माण प्रक्रिया के लिए वास्तविक विद्युत उपभोग के आधार पर प्रदान की जाएगी।

      परंतु एक पर्यटक इकाई के मामले में, इकाई द्वारा वास्तविक उपभोग पर विद्युत सब्सिडी दी जाएगी।

      5.2 विद्युत लाइन खींचना

      यदि कोई परियोजना ऐसे क्षेत्र में स्थित है जहां 33 केवी और अधिक की विद्युत लाइन खींचने की आवश्यकता है तो सरकार पांच लाख रुपए की अधिकतम सीमा के अध्यधीन, ट्रांस्फार्मरों, यदि कोई है, की लागत सहित ऐसी विद्युत लाइन खींचने पर आई लागत की प्रतिपूर्ति करेगी बशर्ते कि वह स्थान सरकार द्वारा अनुमोदित हो।

  6. गुणवत्ता नियंत्रण उपायों की लागत पर सब्सिडी

    गुणवत्ता नियंत्रण और आईएसआई प्रमाणन के उद्देश्य के लिए, प्रति इकाई 40,000 रुपए की अधिकतम सीमा के अध्यधीन, प्रयोगशाला उपकरणों की लागत की उन मामलों में प्रतिपूर्ति की जाएगी जहां वे परियोजना लागत का भाग नहीं हैं।

  7. प्रदूषण नियंत्रण उपायों की लागत पर सब्सिडी

    अनुमोदित प्रदूषण नियंत्रण उपायों की लागत के पचास प्रतिशत की प्रतिपूर्ति की जाएगी जो प्रति इकाई अधिकतम 75,000 रुपए तक होगी।

  8. बिक्रीकर छूट

    वाणिज्यिक उत्पादन की तिथि से सात वर्षों की अवधि के लिए उत्पादों की बिक्री पर बिक्रीकर छूट प्रदान की जाएगी। परंतु, एक पर्यटक इकाई के मामले में, बिक्रीकर छूट इकाई द्वारा प्रदत्त सेवाओं पर देय अनुप्रयोज्य कर से संबंधित होगी।

  9. केंद्रीय बिक्रीकर (सीएसटी) की वापसी

    इकाई के प्रारंभ होने की तिथि तक स्थापित मशीनरी और उपकरणों की खरीद पर वास्तविक रूप में भुगतान किए गए केंद्रीय बिक्रीकर की राशि की इकाइयों को प्रतिपूर्ति की जाएगी।

  10. अतिरिक्त बिक्रीकर प्रोत्साहन

    एक अनुमोदित परियोजना को राज्य पूंजीगत निवेश सब्सिडी के साथ-साथ, वर्षों की अतिरिक्त अवधि के लिए बिक्रीकर छूट प्रदान की जा सकती है किंतु यह छूट अन्यथा पात्र होने पर पूंजीगत निवेश सब्सिडी की राशि तक सीमित होगी। यह अतिरिक्त सहायता प्रतिपूर्ति के रूप में होगी।

  11. स्टाम्प शुल्क से छूट

    बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से ऋण से संबंधित कन्वेंस/मोर्टगेज़ विलेख के निष्पादन में सहायता के लिए 5 करोड़ रुपए से कम स्थाई पूंजीगत निवेश वाली अनुमोदित परियोजनाओं को अनुप्रयोज्य राशि के पचहत्तर प्रतिशत तक स्टाम्प शुल्क से छूट प्रदान की जाएगी।

  12. निर्यातोन्मुख इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन

    • क. शत-प्रतिशत निर्यातोन्मुख इकाइयां

      1. अधिकतम 5 लाख रुपए के अध्यधीन, अतिरिक्त 5 प्रतिशत पूंजीगत निवेश सब्सिडी।

      2. एक वर्ष की अतिरिक्त अवधि के लिए बिक्रीकर छूट।

      ख. सकल टर्नओवर के 25 प्रतिशत और अधिक निर्यात प्रतिबद्धता वाली अन्य इकाइयां

      1. अधिकतम 5 लाख रुपए के अध्यधीन, अतिरिक्त 5 प्रतिशत पूंजीगत निवेश सब्सिडी।

        परंतु एक पर्यटक इकाई के मामले में, निर्यात प्रतिबद्धता का "विदेशी मुद्रा अर्जन की प्रतिबद्धता" से स्थानापन्न किया जाएगा।

  1. अग्रणी इकाई योजना

    • 13.1 एक ऐसे जिले में जहां कोई मध्यम/बड़ा उद्योग नहीं है, तीन करोड़ रुपए से अधिक स्थाई पूंजीगत निवेश के साथ स्थापित एक नई औद्योगिक इकाई को अग्रणी इकाई का दर्ज़ा दिया जाएगा। एक अग्रणी इकाई 15 लाख रुपए की सीमा के अध्यधीन, पांच प्रतिशत अतिरिक्त पूंजीगत निवेश सब्सिडी की पात्र होगी।

      13.2 किसी जिले की केवल प्रथम तीन इकाइयां ही अग्रणी इकाई के दर्ज़े की पात्र होंगी।