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राज्य नीति |
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मेघालयप्रोत्साहन योजना पैकेज 1997 लघु उद्योग
2.1 विकास सब्सिडी निम्नलिखित सूचीबद्ध मदों पर वास्तविक व्यय के लिए 1.5 लाख रुपए की सीमा के अध्यधीन उपरोक्त अनुच्छेद 1.1 में परिभाषितानुसार स्थाई पूंजीगत निवेश के दस प्रतिशत की दर पर प्रदान की जाएगी: 2.2 इस विकास सब्सिडी की प्रतिपूर्ति इकाई द्वारा वास्तविक व्यय करने के बाद ही की जाएगी। संभाव्यता अध्ययन और परियोजना रिपोर्टों की लागत पर सब्सिडी अधिकतम 25,000 रुपए की सीमा के अध्यधीन, संभाव्यता/परियोजना रिपोर्टों को तैयार करने पर आई लागत की पूर्ति के लिए शत-प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी बशर्ते कि रिपोर्ट एक सरकारी अनुमोदन-प्राप्त एजेंसी द्वारा तैयार की जाए। 3.1 अनुमोदित औद्योगिक इकाई की स्थापना के लिए एक उद्यमी द्वारा लिए गए सावधि ऋण (कार्यशील पूंजी ऋणों के अलावा) पर बैंकों/वित्तीय संस्थानों को ब्याज के भुगतान पर चार प्रतिशत की दर से सब्सिडी प्रदान की जाएगी जो ऋण के संवितरण की तिथि से 5 (पांच) वर्षों के लिए और अधिकतम 10,000 रुपए प्रतिमाह होगी। 3.2 यह सबिसडी किए गए वास्तविक भुगतान की प्रतिपूर्ति के रूप में होगी। 4.1 सरकार पात्रता मानदंडों (अनुच्छेद घ.2.1(क)) में वर्णित औद्योगिक नीति में स्थानीय जनजातीय कर्मचारियों की निर्धारित संख्या से अधिक स्थानीय जनजातीय कर्मचारियों के वास्तविक वेतन बिल के तीस प्रतिशत तक वार्षिक प्रतिपूर्ति करेगी।
4.2 स्थानीय जनजातीय कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर आई लागत के पचास प्रतिशत की प्रतिपूर्ति निम्नलिखित के अध्यधीन की जाएगी: क. ऐसे प्रशिक्षित व्यक्तियों को इकाई में समायोजित कर लिया गया हो और ऐसा न करने पर इकाई को सब्सिडी की राशि लौटानी होगी। ख. राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित संस्थान में प्रशिक्षण दिया गया हो। 5.1 विद्युत शुल्कों पर 2 मेगावॉट और 2 मेगावॉट से अधिक लोड पर क्रमश: तीस प्रतिशत और पच्चीस प्रतिशत की दर पर सब्सिडी दी जाएगी जो वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ होने की तिथि से 5 (पांच) वर्षों की अवधि के लिए होगी। यह सब्सिडी अधिकतम दो लाख रुपए प्रतिवर्ष तक सीमित होगी। यह सब्सिडी वांछित विवरणों और डायाग्रामों के अनुसार निर्माण प्रक्रिया के लिए वास्तविक विद्युत उपभोग के आधार पर प्रदान की जाएगी। 5.2 गैर-विद्युतीकृत ग्रामीण क्षेत्रों में लघु उद्योग इकाइयों को प्रति इकाई 50,000 रुपए की सीमा के अध्यधीन, गैर-परंपरागत ऊर्जा जेनरेटिंग सैटों सहित जेनेरेटिंग सैटों की लागत के पचास प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाएगी बशर्ते कि इकाई मेघालय राज्य विद्युत बोर्ड से इस आशय का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करे। 5.3 यदि कोई परियोजना ऐसे क्षेत्र में स्थित है जहां 1 केवी और अधिक की विद्युत लाइन खींचने की आवश्यकता है तो सरकार एक लाख रुपए की अधिकतम सीमा के अध्यधीन, ट्रांस्फार्मरों, यदि कोई है, की लागत सहित ऐसी विद्युत लाइन खींचने पर आई लागत की प्रतिपूर्ति करेगी बशर्ते कि वह स्थान सरकार द्वारा अनुमोदित हो। 5.4 प्रत्येक औद्योगिक इकाई के लिए 20,000 रुपए की अधिकतम सीमा के अध्यधीन, सर्विस कनेक्शन पर आई लागत के पचास प्रतिशत की प्रतिपूर्ति की जाएगी। 6.1 गुणवत्ता नियंत्रण और आईएसआई प्रमाणन के उद्देश्य के लिए, प्रति इकाई 10,000 रुपए की अधिकतम सीमा के अध्यधीन, प्रयोगशाला उपकरणों की लागत की उन मामलों में प्रतिपूर्ति की जाएगी जहां वे परियोजना लागत का भाग नहीं हैं। 6.2 अपने टर्नओवर के मूल्य का न्यूनतम पचास प्रतिशत निर्यात करने की प्रतिबद्धता दर्शाने वालीं निर्यातोन्मुख इकाइयां ऐसे गुणवत्ता उपायों के लिए 1,00,000 रुपए की अतिरिक्त प्रतिपूर्ति की पात्र होंगी। 9.1 एक अनुमोदित परियोजना को राज्य पूंजीगत निवेश सब्सिडी के साथ-साथ, 4 वर्षों की अतिरिक्त अवधि के लिए बिक्रीकर छूट प्रदान की जा सकती है किंतु यह छूट अन्यथा पात्र होने पर पूंजीगत निवेश सब्सिडी की राशि तक सीमित होगी। यह अतिरिक्त सहायता प्रतिपूर्ति के रूप में होगी। 9.2 अनुमोदित शत-प्रतिशत निर्यातोन्मुख इकाइयां उपरोक्त अनुच्छेद 8 और 10.1 में उल्लिखित पात्रता अवधि से 1 (एक) और अधिक वर्ष तक अतिरिक्त बिक्रीकर छूट प्राप्त करने की पात्र होंगी। बड़े और मध्यम उद्योग
1.1 अधिकतम 20 लाख रुपए की सीमा के अध्यधीन, स्थाई पूंजीगत निवेश के तीस प्रतिशत की दर पर राज्य पूंजीगत निवेश सब्सिडी प्रदान की जाएगी। 3.1 अनुमोदित औद्योगिक इकाई की स्थापना के लिए एक उद्यमी द्वारा लिए गए सावधि ऋण (कार्यशील पूंजी ऋणों के अलावा) पर बैंकों/वित्तीय संस्थानों को ब्याज के भुगतान पर चार प्रतिशत की दर से सब्सिडी प्रदान की जाएगी जो ऋण के संवितरण की तिथि से 3 वर्षों के लिए और अधिकतम 20,000 रुपए प्रतिमाह होगी। 3.2 यह सब्सिडी किए गए वास्तविक भुगतान की प्रतिपूर्ति के रूप में होगी। 4.1 सरकार पात्रता मानदंडों में वर्णित औद्योगिक नीति में स्थानीय जनजातीय कर्मचारियों की निर्धारित संख्या से अधिक स्थानीय जनजातीय कर्मचारियों के वास्तविक वेतन बिल के तीस प्रतिशत तक वार्षिक प्रतिपूर्ति करेगी। यह अनुदान नियुक्ति की तिथि से तीन वर्षों के लिए होगा। इस सब्सिडी की अधिकतम सीमा एक लाख रुपए प्रतिवर्ष होगी। 4.2 स्थानीय जनजातीय कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर आई लागत के बीस प्रतिशत की प्रतिपूर्ति निम्नलिखित के अध्यधीन की जाएगी: क. ऐसे प्रशिक्षित व्यक्तियों को इकाई में समायोजित कर लिया गया हो और ऐसा न करने पर इकाई को सब्सिडी की राशि लौटानी होगी। ख. राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित संस्थान में प्रशिक्षण दिया गया हो। 5.1 विद्युत शुल्कों पर 2 मेगावॉट और 2 मेगावॉट से अधिक लोड पर क्रमश: तीस प्रतिशत और पच्चीस प्रतिशत की दर पर सब्सिडी दी जाएगी जो वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ होने की तिथि से पांच वर्षों की अवधि के लिए होगी। यह सब्सिडी अधिकतम 7 लाख रुपए प्रतिवर्ष तक सीमित होगी। यह सब्सिडी वांछित विवरणों और डायाग्रामों के अनुसार निर्माण प्रक्रिया के लिए वास्तविक विद्युत उपभोग के आधार पर प्रदान की जाएगी। परंतु एक पर्यटक इकाई के मामले में, इकाई द्वारा वास्तविक उपभोग पर विद्युत सब्सिडी दी जाएगी। 5.2 विद्युत लाइन खींचना यदि कोई परियोजना ऐसे क्षेत्र में स्थित है जहां 33 केवी और अधिक की विद्युत लाइन खींचने की आवश्यकता है तो सरकार पांच लाख रुपए की अधिकतम सीमा के अध्यधीन, ट्रांस्फार्मरों, यदि कोई है, की लागत सहित ऐसी विद्युत लाइन खींचने पर आई लागत की प्रतिपूर्ति करेगी बशर्ते कि वह स्थान सरकार द्वारा अनुमोदित हो। क. शत-प्रतिशत निर्यातोन्मुख इकाइयां ख. सकल टर्नओवर के 25 प्रतिशत और अधिक निर्यात प्रतिबद्धता वाली अन्य इकाइयां
13.1 एक ऐसे जिले में जहां कोई मध्यम/बड़ा उद्योग नहीं है, तीन करोड़ रुपए से अधिक स्थाई पूंजीगत निवेश के साथ स्थापित एक नई औद्योगिक इकाई को अग्रणी इकाई का दर्ज़ा दिया जाएगा। एक अग्रणी इकाई 15 लाख रुपए की सीमा के अध्यधीन, पांच प्रतिशत अतिरिक्त पूंजीगत निवेश सब्सिडी की पात्र होगी। 13.2 किसी जिले की केवल प्रथम तीन इकाइयां ही अग्रणी इकाई के दर्ज़े की पात्र होंगी। |