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त्रिपुरा प्रोत्साहन योजना, 1995

सूचना स्रोत: उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय, त्रिपुरा सरकार

  1. लघु शीर्ष

    योजना को त्रिपुरा राज्य में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों (जिन्हें इसके बाद इकाइयां कहा गया है) के लिए त्रिपुरा प्रोत्साहन योजना, 1995 (जिसे इसके बाद योजना/95 कहा गया है) कहा जाएगा।

  2. प्रारंभ और अवधि

    योजना/95 के अंतर्गत स्वीकृत प्रोत्साहनों की संबंधित मदों के सामने जब तक विशेष रूप से उल्लेख न किया गया हो, यह अप्रैल, 1995 के पहले दिन से संपूर्ण त्रिपुरा राज्य में प्रभावी हो जाएगी और मार्च 2000 के इकतीसवें दिन समाप्त होने वाली पांच वर्षों की अवधि के लिए वैध रहेगी।

  3. परिभाषाएं

    योजना 95 में, जब तक संदर्भ में अन्यथा वांछित न हो:

    1. "एएफसी" का अर्थ असम वित्त निगम है।

    2. "अनुषंगी उद्योग" का अर्थ एक औद्योगिक इकाई है जो समय-समय पर अनुषंगी औद्योगिक उपक्रमों के रूप में मान्य होने के लिए एक औद्योगिक उपक्रम द्वारा पूरी की जाने वाली केंद्रीय सरकार द्वारा निर्धारित आवश्यकताओं की पूर्ति करती है।

    3. "अधिकृत एजेंट" का अर्थ उद्योग और वाणिज्य निदेशालय और/अथवा त्रिपुरा औद्योगिक विकास निगम (टीआईडीसी), अथवा योजना/95 के संचालन के लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से अधिकृत एक एजेंट है।

    4. "केंद्रीय सरकार" का अर्थ भारत सरकार है।

    5. "बंद इकाई" का अर्थ एक इकाई है जो 7 वर्ष से कम पुरानी न हो और स्वामित्व/प्रबंध के हस्तांतरण की तिथि से पहले 3 वर्षों से अधिक स्थाई रूप से बंद रही हो।

    6. "निर्यातोन्मुख इकाई" का अर्थ एक लघु उद्योग इकाई है जिस पर वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने की तिथि से तीन वर्षों की समाप्ति तक अपने उत्पादन का न्यूनतम 30 प्रतिशत निर्यात करने का दायित्व है, अथवा एक मध्यम/बड़ी इकाई जो अपने उत्पादन का न्यूनतम 50 प्रतिशत निर्यात करती है।

    7. "कारखाना" का अर्थ अहातों सहित कोई परिसर है :-

    8. क. जिसमें दस या अधिक श्रमिक काम कर रहे हैं अथवा पिछले बारह महीनों में किसी दिन कर रहे थे, और जिसके किसी भी भाग में विद्युत की सहायता से एक विनिर्माण प्रक्रिया चलाई जा रही है अथवा सामान्यत: चलाई जाती है, किंतु खान अधिनियम 1952 (1952 का 35) के संचालन के अध्यधीन इसमें खान अथवा एक रेलवे रनिंग शेड सम्मिलित नहीं है।

      अथवा

      ख. जिसमें बीस या अधिक श्रमिक काम कर रहे हैं अथवा पिछले बारह महीनों में किसी दिन कर रहे थे, और जिसके किसी भी भाग में विद्युत की सहायता से एक विनिर्माण प्रक्रिया चलाई जा रही है अथवा सामान्यत: चलाई जाती है, किंतु खान अधिनियम 1952 (1952 का 35) के संचालन के अध्यधीन इसमें खान अथवा एक रेलवे रनिंग शेड सम्मिलित नहीं है।

    9. "कारखाना श्रमिक" का अर्थ विनिर्माण प्रक्रिया के लिए प्रयुक्त मशीनरी अथवा परिसर के किसी भाग की सफाई अथवा विनिर्माण प्रक्रिया अथवा विनिर्माण प्रक्रिया के विषय से प्रासांगिक अथवा संबंधित किसी प्रकार के अन्य कार्य में प्रत्यक्ष रूप से अथवा किसी एजेंसी के माध्यम से नियुक्त व्यक्ति है।

    10. "स्थाई पूंजी निवेश" का अर्थ योजना/95 के अनुच्छेद 6 में उल्लिखित अन्य शर्तों के अध्यधीन, 1 अप्रैल 1995 को अथवा उसके बाद इकाई की भूमि, भवन, संयंत्र और मशीनरी में किया गया निवेश है।

      स्पष्टीकरण:

      स्थाई पूंजी निवेश की निम्नप्रकार गणना की जाएगी:-

      क. भूमि : अधिकृत एजेंट द्वारा निर्णित फ्रीहोल्ड अथवा लीज़होल्ड भूमि के लिए भुगतान किया गया वास्तविक मूल्य अथवा प्रीमियम।

      ख. भवन : इकाई की आवश्यकतानुसार कार्यालय भवन, कारखाना शेडों आदि के निर्माण के लिए किया गया वास्तविक व्यय, किंतु इसमें आवासीय भवन सम्मिलित नहीं हैं।

      ग. संयंत्र और मशीनरी : संयंत्र और मशीनरी में स्थाई पूंजी निवेश में मशीनरी की लागत और कैप्टिव ऊर्जा सृजन इकाई, हाई टेंशन और लो टेंशन तार खींचने की लागत और ट्रास्फॉर्मरों की स्थापना भी सम्मिलित है, बशर्ते कि यह कार्य राज्य उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की पूर्वानुमति से किया गया हो और राज्य अथवा केंद्रीय सरकार द्वारा ऐसी लागतों की अन्यथा प्रतिपूर्ति न की जा चुकी हो। संयंत्र और मशीनरी में स्थाई पूंजी निवेश की गणना निम्न प्रकार की जाएगी:
      स्थापित संयंत्र और मशीनरी की लागत में जिग्स, डाइयां, मोल्ड आदि उत्पादक उपकरणों की लागत सम्मिलित है, किंतु इसमें किराया खरीद करार के अंतर्गत स्थापित और खरीदे गए संयंत्र और मशीनरी के साथ-साथ सेकेंड हैंड संयंत्र और मशीनरी की लागत सम्मिलित नहीं है। पट्टे पर लिए गए संयंत्र और मशीनरी के मामले में, पट्टा शुल्क/प्रभारों की गणना की जाएगी, बशर्ते कि पट्टा अनुबंध की समाप्ति पर कथित संयंत्र और मशीनरी इकाई की संपत्ति बन जाएं।

      घ. एक रुग्ण इकाई के मामले में, पुनर्वास/पुनर्जीवन पैकेज में स्वीकार्यानुसार भूमि, भवन, संयंत्र और मशीनरी में स्थाई परिसंपत्तियों के मूल्य को स्थाई पूंजी निवेश के रूप में माना जाएगा। एक बंद इकाई के मामले में, पंजीकृत विलेख के अनुसार स्थानांतरण मूल्य को योजना/95 में निर्धारित प्रोत्साहनों के उद्देश्य के लिए स्थाई पूंजी निवेशों के निर्धारण के लिए आधार बनाया जाएगा।

    11. "इकाई की स्थाई परिसंपत्ति के सकल मूल्य" का अर्थ विगत वित्तीय वर्ष के अंत में विद्यमान सकल स्थाई पूंजी निवेश में वर्ष के दौरान किए गए स्थाई पूंजी निवेश के योग में से वर्ष के दौरान निपटान की गई स्थाई परिसंपत्तियों के मूल्य का घटाव है।

    12. "बड़ी/मध्यम इकाई" का अर्थ एक इकाई है जो समय-समय पर राज्य अथवा केंद्रीय सरकार द्वारा परिभाषित लघु अथवा अनुषंगी इकाई से भिन्न है।

    13. "स्थानीय बिक्री कर" का अर्थ एक इकाई का अनुच्छेद 15 में उल्लिखित अधिनियमों के अंतर्गत तैयार वस्तुओं, यदि कोई है, की बिक्री पर राज्य सरकार को बिक्रीकर का दायित्व है।

    14. "नकारात्मक सूची" का अर्थ है समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा संशोधित अथवा परिवर्तित इसके अनुबंध में उद्योगों की सूची।

    15. "गैर-परंपरागत ऊर्जा" क्षेत्र का अर्थ निम्नलिखित प्रौद्योगिकियों पर आधारित उद्योगों से होगा:

    16. क. सोलर फोटोवोल्टाइक जिसमें सिलिकॉन सामग्री सम्मिलित है

      ख. सोलर थर्मल

      ग. विंड एनर्जी

      घ. बायोमास

      ङ. बैटरीचालित वाहन

    17. "बिक्रीकर अधिनियमों" का अर्थ है समय-समय पर यथासंशोधित

    18. क. त्रिपुरा बिक्रीकर अधिनियम, 1976 (1976 का 11)

      ख. केंद्रीय बिक्रीकर अधिनियम, 1956

    19. "कच्चे माल पर देय बिक्रीकर" का अर्थ है अनुच्छेद 15 में उल्लिखित बिक्रीकर अधिनियमों के अंतर्गत अनुमेय प्रवृत्तों, यदि कोई है, को घटाकर कच्चे माल की खरीद पर लागू बिक्रीकर अधिनियमों के अंतर्गत पंजीकृत डीलरों को इकाई द्वारा देय बिक्रीकर।

    20. "योजना/90" का अर्थ "त्रिपुरा राज्य औद्योगिक इकाई प्रोत्साहन योजना, 1990" है।

    21. "रुग्ण इकाई" का अर्थ मध्यम अथवा बड़े उद्योग क्षेत्र में एक इकाई है,

    22. क. लेखापरीक्षित खातों के अनुसार, जिसका सकल मूल्य इसके स्वयं के जीवनक्षम पुनर्वास के लिए बीआईएफआर अथवा एक अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान अथवा एक राज्य वित्तीय संस्थान अथवा एक वाणिज्यिक बैंक को रिपोर्ट करने की तिथि को नकारात्मक हो गया है।

      ख. जो 7 वर्षों से कम पुरानी नहीं है

      और

      ग. जिसे लगातार पिछले दो वित्तीय वर्षों में नकद घाटा हुआ है, अथवा लघु उद्योग क्षेत्र में एक इकाई है, जिसके :-

      क. कोई ऋण खाते एक "संदेहास्पद" अग्रिम बन गए हैं, अर्थात् इसके ऋण खातों का मूलधन अथवा ब्याज अढ़ाई वर्षों से अधिक की अवधि से देय पड़ा है

      और

      ख. सकल मूल्य में लगातार दो लेखा वर्षों के दौरान इसके शीर्ष सकल मूल्य की 50 प्रतिशत अथवा अधिक की संचित नकद हानियों के कारण क्षय है।

      स्पष्टीकरण

      1. "सकल मूल्य" का अर्थ है एक रुग्ण औद्योगिक इकाई में, कंपनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1) के अनुच्छेद 3 में परिभाषित एक कंपनी के मामले में प्रदत्त पूंजी और मुक्त रिज़र्वों का कुल योग, अथवा अन्य मामलों में निवेश की गई पूंजी का कुल योग।
      2. "नकद हानि" का अर्थ है मूल्यह्रास के बिना संगणित हानि।

      3. "नकारात्मक सकल मूल्य" का अर्थ है किसी वित्तीय वर्ष के अंत में इसके सकल मूल्य के बराबर अथवा उससे अधिक संचित हानि।

      घ. "लघु उद्योग" का अर्थ एक औद्योगिक इकाई है जो समय-समय पर केंद्रीय सरकार द्वारा निर्धारित लघु औद्योगिक उपक्रम के रूप में मान्य होने के लिए एक औद्योगिक इकाई द्वारा पूरी की जाने वाली आवश्यकताओं की पूर्ति करती है।

      ङ. "मानक प्रमाणन" का आशय उस प्रमाणन से है जो संबंधित इकाई द्वारा वस्तुओं के उत्पादन में अपनाई गई प्रक्रियाओं के मानक के निरीक्षण/जांच के बाद एक सक्षम प्राधिकरण द्वारा जारी किया गया है।

      च. "राज्य वित्त संस्थानों" का अर्थ एएफसी और टीआईडीसी है।

      छ. "राज्य सरकार" का अर्थ त्रिपुरा सरकार है।

      ज. "संवेगी क्षेत्र" का अर्थ औद्योगिक गतिविधियों का एक क्षेत्र है जिनका राज्य के लिए विशेष महत्व है, जैसे प्राकृतिक रबर, प्राकृतिक गैस, जैव-प्रौद्योगिकी, बागवानी उत्पाद, रेशम उत्पादन, नकदी फसलों जैसे चाय, कॉफी, मसाले और गैर-परंपरागत ऊर्जा क्षेत्र पर आधारित औद्योगिक गतिविधियां, और राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित अन्य गतिविधियां।

      झ. "टीआईडीसी" का अर्थ है त्रिपुरा औद्योगिक विकास निगम।

      ञ. "अति लघु औद्योगिक इकाई" का अर्थ लघु उद्योग इकाई है जिसका संयंत्र और मशीनरी में निवेश 5.00 लाख रुपए तक है।

      ट. "इकाई" का आशय निम्नलिखित में किसी औद्योगिक परियोजना से है:

      लघु/अनुषंगी क्षेत्र (अति लघु कुटीर/ग्रामीण उद्योग और औद्योगिक सहकारिताओं सहित), जिसके पास 1 अप्रैल, 1995 को अथवा उसके बाद उद्योग निदेशालय द्वारा जारी स्थाई पंजीकरण प्रमाणपत्र है अथवा,

      बड़ा और मध्यम क्षेत्र, जिसके पास उद्योग (विकास और विनियम) अधिनियम, 1951 (1951 का 65) के अंतर्गत आशय-पत्र, औद्योगिक लाइसेंस अथवा पंजीकरण प्रमाणपत्र, जो भी मामला हो, के रूप में अनुमोदन है अथवा,

      योजना/95 के अनुबंध में उद्योगों की नकारात्मक सूची में उल्लिखित उद्योगों के अलावा, केंद्रीय सरकार से औद्योगिक अनुमोदन सचिवालय की संदर्भ संख्या के रूप में एक पावती।

      परंतु, एक होटल इकाई जिसका स्थाई पूंजी निवेश 60 लाख रुपए से अधिक किंतु 5 करोड़ रुपए से कम है, योजना/95 के अंतर्गत प्रोत्साहनों के लिए पात्र होगी और एक होटल इकाई के मामले में किसी आशय-पत्र अथवा औद्योगिक लाइसेंस अथवा उद्योग (विकास और विनियम) अधिनियम, 1951 (1951 का 65) के अंतर्गत पंजीकरण प्रमाणपत्र अथवा केंद्रीय सरकार से औद्योगिक अनुमोदन सचिवालय की संदर्भ संख्या के रूप में एक पावती की आवश्यकता नहीं होगी।

      ठ. योजना/95 के उद्देश्य के लिए "महिला उद्यम" का अर्थ उस औद्योगिक इकाई से है जो एक अथवा अधिक महिला उद्यमियों द्वारा स्वामित्व के रूप में प्रबंधित हो, अथवा जिसकी शेयर पूंजी में एक साझेदार/शेयरधारक के रूप में उसकी/उनकी शेयरधारिता वैयक्तिक अथवा संयुक्त रूप में 51 प्रतिशत से कम न हो।

      ड. "वर्षों" का आशय, जब तक अथवा अन्यथा विशेष रूप से उल्लिखित न किया गया हो और संदर्भ के विरुद्ध न हो, पहली अप्रैल से प्रारंभ होकर आगामी मार्च के इकतीसवें दिन को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष से है। किसी भी बिक्री कर अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत एक इकाई के मामले में, "वर्ष" से आशय उस वर्ष से है जिसके अनुसार अधिनियम के अंतर्गत इसका कर निर्धारण किया गया है।

      निदर्शन:

        यदि एक इकाई जुलाई से आगामी जून तक अपने खातों का रखरखाव करती है और तदनुसार बिक्री कर के लिए इसका कर निर्धारण किया जाता है, तो वर्ष 1995-96 का अर्थ पहली जुलाई 1995 से तीस जून 1996 की अवधि होगा।