परिवर्तन का कारक




लक्ष्य और उद्देश्य

"सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम और ग्रामीण उद्यमों को परिणाम, रोज़गार और निर्यात के संदर्भ में पूरा स्थायित्व और तीव्र विकास प्रदान करना तथा उच्च तकनीकी जागरूकता पर आधारित एक प्रतिस्पर्धात्मक संस्कृति स्थापित करना।"


लघु और मध्यम क्षेत्र समस्त विश्व में तेज़ी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में से एक है। विश्व के अनेक देशों ने इस क्षेत्र के विकास के संदर्भ में समन्वय करने तथा समस्त सरकारी हस्तक्षेपों की निगरानी के लिए एक नोडल एजेंसी के रूप में लघु और मध्यम उद्यम विकास एजेंसी (SMEDA) की स्थापना की है। भारत के मामले में, यद्यपि एक पृथक मध्यम क्षेत्र को परिभाषित नहीं किया गया है, विकास आयुक्त (सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम) का कार्यालय के नाम से भी जाना जाता है, लघु उद्योगों के लिए नोडल विकास एजेंसी के रूप में कार्यरत है। सीडो लघु उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत है।

सीडो की स्थापना फोर्ड फाउंडेशन की अनुशंसाओं के आधार पर वर्ष 1954 में की गई थी। वर्षों बाद, इसकी भूमिका लघु उद्योगों को समर्थन, रखरखाव और सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली एक एजेंसी के रूप में परिवर्तित हो गई है। इसके प्रबंधन के अधीन 60 कार्यालय तथा 21 स्वायत्तशासी निकाय हैं। इन स्वायत्तशासी निकायों में टूल रूम, प्रशिक्षण संस्थान और परियोजना-सह-संसाधन विकास केंद्र सम्मिलित हैं। सीडो लघु उद्योग क्षेत्र को सेवाओं की विशाल शृंखला प्रदान करता है। इनमें परीक्षण, औज़ार बनाना, उद्यमशीलता विकास हेतु प्रशिक्षण देना, परियोजना और उत्पाद विवरण तैयार करना, तकनीकी और प्रबंधकीय परामर्श, निर्यात के लिए सहायता, प्रदूषण और उर्जा लेखापरीक्षा आदि सम्मिलित हैं। सीडो आर्थिक सूचना सेवाएं प्रदान करता है और लघु उद्यमों की तरक्की तथा विकास के लिए योजनाएं बनाने में सरकार को परामर्श देता है। क्षेत्रीय कार्यालय केन्द्रीय और राज्य सरकारों के मध्य प्रभावी सेतु के रूप में भी कार्य करते हैं।

भारतीय अर्थव्यवस्था के बढ़ते वैश्वीकरण के परिणामस्वरूप, लघु उद्योगों को नई चुनौतियों का सामना करने की आवश्यकता है। सीडो ने परिवर्तित वातावरण को पहचाना है और लघु उद्योगों को कर्ज, विपणन, तकनीक और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में सहायता प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया है। वैश्विक प्रचलन और राष्ट्रीय विकास ने सीडो की भूमिका को देश में छोटे उद्यमों के विकास के प्रवर्तक के रूप में महत्व प्रदान किया है।

 

विकास आयुक्त (सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम)

विकास आयुक्त (सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम) का कार्यालय जो सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत है, का पता निम्नलिखित है :-

विकास आयुक्त (सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम),
ए-विंग, सातवां तल, निर्माण भवन, नई दिल्ली-110011
दूरभाष : 91-11-230222220, 23022221, 23022211, 23022209, 23022202
फैक्स : 91-11-23018315, 23016726, 23016068
ई-मेल : dcmsme@nic.in
वेबसाइट : www.dcmsme.gov.in , www.laghu-udyog.com , www.smallindustryindia.com

सीडो में संपर्क सूत्र
 

सेवाएं :

विकास आयुक्त, लघु उद्योग के कार्यालय द्वारा प्रदत्त मुख्य सेवाएं :-

  1. लघु उद्योगों की उन्नति और विकास के लिए नीति निर्धारण में सरकार को परामर्श देना।
  2. लघु उद्योग इकाइयों को तकनीकी, आर्थिक और प्रबंधकीय परामर्श, साधारण सुविधाएं और विस्तृत सेवाएं प्रदान करना।
  3. तकनीकी उन्नयन, आधुनिकीकरण, गुणवत्ता सुधार और बुनियादी संरचना सुविधाएं उपलब्ध कराना।
  4. प्रशिक्षण तथा कौशल उन्नयन के माध्यम से मानव संसाधन विकास।
  5. आर्थिक सूचना सेवाएं प्रदान करना।
  6. लघु उद्योगों के विकास संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों, योजना आयोग, राज्य सरकारों, वित्तीय संस्थानों और अन्य संगठनों से निकटतम संपर्क बनाए रखना।
  7. बड़े और मध्यम उद्योगों के अनुषंगी अंग के रूप में लघु उद्योगों के विकास के लिए नीतियां और कार्यक्रम तैयार करना तथा समन्वय करना।



संबंधित लिंक :

संचालन में परिवर्तन
लघु उद्योग मंत्रालय
कृषि एवं ग्रामीण उद्योग मंत्रालय
लघु उद्योग बोर्ड
लघु उद्योग सहभागी