प्रौद्यागिकी
लघु उद्यम श्रमबाहुल्यता और स्थानीय संसाधनों के साथ कार्य करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। पहले इनमें प्रौद्योगिकी को बहुत कम महत्व दिया जाता था। मिल चलाने के साथ-साथ कामचलाऊ पैकेजिंग और अपर्याप्त फिनिशिंग जैसी चीजें लघु क्षेत्र के उत्पादों को घटिया और दूसरे दर्ज़े का सिद्ध करती हैं। प्रतिस्पर्धात्मकता पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है। भारतीय संदर्भ में, प्रारंभिक लागत में कटौती करने की इच्छा घटिया मशीनें खरीदने को प्रेरित करती है। लघु उद्यमों द्वारा बड़े उद्योगों से सम्बद्ध होने की आवश्यकता को महसूस करने के फलस्वरूप वे प्रौद्योगिकी विकल्प पर पुनर्विचार कर रहे हैं जिससे उनकी उत्पादकता, प्रभावात्मकता और स्पर्धात्मकता में सुधार होगा। प्रौद्योगिकी के संदर्भ में लघु व्यवसायों को निम्नलिखित अत्यावश्यक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है :-
- प्रौद्योगिकी के बारे में सूचना
- प्रौद्योगिकी को वास्तविक रूप में प्राप्त करना
- प्रौद्योगिकी उन्नयन के लिए वित्त
(1) प्रौद्योगिकी के बारे में सूचना
लघु इकाइयों के लिए प्रौद्योगिकी विकल्प के बारे में सूचना का अर्थ प्राय: कही-सुनी बात अथवा किसी उन्नत इकाई को देखने से है। बहुत कम लोग ही तकनीकी साहित्य, व्यवसायिक पत्रिकाएं अथवा नये उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त कर पाते हैं। भारत में अब इसमें काफी परिवर्तन हो रहा है। इंटरनेट के आगमन के साथ, इलैक्ट्रॉनिक पत्रिकाओं, अनुसूची डाउनलोड और उन्नत खोज सुविधाओं के माध्यम से नए द्वार खुल रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र द्वारा संवर्धित लघु उद्यमों हेतु प्रौद्योगिकी ब्यूरो (टी बी एस ई) (www.techsmall.com) से प्रौद्योगिकी पर डाटाबेस और सूचना प्राप्त की जा सकती है। इसके साथ- साथ, राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम ने लघु उद्योगों के लिए प्रौद्योगिकी विकल्पों को बढ़ाने हेतु पहल की है (सूचना के लिए www.techsowindia.com देखें)। क्लस्टरों में प्रौद्योगिकी हस्तक्षेप निकटस्थ इकाइयों को उन्नत प्रौद्योगिकी को देखने तथा अनुभव करने का एक अवसर प्रदान करता है ("क्लस्टर" पर खंड को देखें)। नवीनतम विश्वव्यापी प्रौद्योगिकी की अद्यतन जानकारी प्राप्त करने के लिए उद्यमियों को विदेशी व्यापार मेलों में भागीदारी करने के लिए भी सहायता दी जाती है। टूल रूम, परीक्षण केंद्र, प्रक्रिया-सह-उत्पाद केंद्र और वर्कशापों में भी इस विषय में सहायता दी जाती है।
(2) प्रौद्योगिकी को वास्तविक रूप में प्राप्त करना
सूचना के साथ भी प्रौद्योगिकी आयात में बाधाएं, प्रौद्योगिकी स्थानांतरण मामले, विक्रेता सामर्थ्य, बिक्री बाद समर्थन, निर्यात प्रक्रियाएं इसकी प्राप्ति में अड़चन पैदा करती हैं। भारत में एशिया पेसेफिक सेंटर फॉर ट्रांस्फर ऑफ टैक्नॉलॉजी क्रेता और विक्रेता के मध्य तालमेल बैठाने और एस्कॉर्ट सेवाओं के ज़रिए सुविधाएं प्राप्ति को बढ़ावा देता है। पूंजीगत सामानों के आयात को प्रोत्साहन ने भी इस मामले में सहायता की है।
(3) प्रौद्योगिकी उन्नयन के लिए वित्त
प्रौद्योगिकी उन्नयन हेतु निधियों के लिए लघु उद्यम बाहरी स्रोतों का मुंह देखते हैं क्योंकि व्यवसाय से धन निकालने की अपनी ही कीमत चुकानी होती है। भारत में, एक प्रौद्योगिकी उन्नयन एवं आधुनिकीकरण निधि और एक किराया खरीद योजना इस आवश्यकता की पूर्ति करने का प्रयास करते हैं। एक नई योजना जिसे लघु उद्योगों में प्रौद्योगिकी उन्नयन के लिए ऋण संबद्ध पूंजीगत आर्थिक सहायता योजना के नाम से जाना जाता है, को निधियों की लागत को घटाने के लिए प्रारंभ किया गया है।